ओंकार पाल का फाइल फोटो। स्रोत: परिजन
तिलहर। बेटे से कहासुनी के बाद बीच-बचाव करने आए पिता पर भी आरोपी हमलावर हो गए और उन्हें धक्का दे दिया। सड़क पर गिरकर बेहोश होने पर उन्हें सीएचसी लाया गया, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
गांव राजपुर निवासी ओंकार पाल (60) के पौत्र देवांश को 25 मई को गांव के नवल किशोर ने ट्रैक्टर में रुटावेटर खुलवाने के लिए बुलाया था। आरोप है कि जब वह रुटावेटर खुलवा रहे थे, तभी नवल ने ट्रैक्टर पीछे कर दिया। इससे देवांश का हाथ टूट गया। इलाज कराने से नवल ने इन्कार कर दिया। इस मामले में थाने में तहरीर दी गई, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
ओंकार के बेटे नरेश चंद्र ने बताया कि इलाज नहीं कराने पर भी नवल किशोर झगड़े पर आमादा है। शनिवार की शाम लगभग आठ बजे उनका योग प्रशिक्षक भाई चिवनाथ पाल गांव में पेड़ के नीचे दीपक जलाने गया था। वापस आते समय तीन लोग रास्ते में खड़े थे। चिवनाथ से गाली-गलौज करने लगे। बीच-बचाव करने के लिए उनके पिता ओंकार पाल पहुंच गए।
आरोप है कि आरोपियों ने उनके पिता पर हमला कर उन्हें धक्का दे दिया। वह सड़क पर गिरकर बेहोश हो गए। सीएचसी में डाॅक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।
थाना प्रभारी विशाल प्रताप सिंह ने बताया कि पूर्व में आई तहरीर पर दूसरे पक्ष को बुलाने पर उपचार कराने पर सहमति बनी थी। रात में दोबारा विवाद होने पर ओंकार के गिरने से उन्हें हार्ट अटैक पड़ गया था। इसी वजह से उनकी माैत हो गई।