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Shahjahanpur News: क्रय केंद्र पड़े सूने, कम पंजीकरण पर नोटिस जारी

Thu, 04 Apr 2024 01:35 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
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रोजा मंडी समिति सूना पड़ा सरकारी क्रय केंद्र। संवाद
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शाहजहांपुर। सरकारी क्रय केंद्र खुले एक माह से अधिक समय हो गया, लेकिन अभी तक कई क्रय केंद्रों के खाते नहीं खुले हैं। क्रय केंद्र सूने पड़े हैं। मंडियों में आवक अधिक हो रही है, लेकिन सरकारी खरीद कम हो रही है। वहीं, किसानों के कम पंजीकरण के चलते एक क्षेत्रीय विपणन अधिकारी व छह विपणन अधिकारियों को नोटिस जारी किए गए हैं।
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एक मार्च को जिले में गेहूं खरीद के लिए सात एजेंसियों के 200 क्रय केंद्र खोले गए थे। पहले इन केंद्रों पर तीन लाख 11 हजार मीट्रिक टन लक्ष्य रखा गया था, लेकिन अब सरकार ने एक लाख से अधिक मीट्रिक टन लक्ष्य बढ़ा दिया। अब चार लाख 14 हजार सात सौ मीट्रिक टन लक्ष्य रखा गया है। इसके सापेक्ष में अब तक 357.800 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई है। अब तक 91 किसानों को 17.216 लाख का भुगतान किया है। 101.789 लाख रुपये अवशेष है।

मंडियों में जमकर हो रही आवक
मंडियों में गेहूं की आवक जमकर हो रही है। रोजा मंडी में अभी तक सरकारी खरीद 1498.50 क्विंटल हुई है। जबकि, बुधवार को ही लगभग 1200 क्विंटल गेहूं की आवक मंडी में हुई। करीब 1800 क्विंटल की आवक अब तक रोजा मंडी में हो चुकी है। गेहूं का समर्थन मूल्य 2,275 रुपये क्विंटल है। जबकि, निजी में 2300 से 2400 रुपये क्विंटल में खरीद हो रही है। यही हाल पुवायां मंडी और बंडा उपमंडी है। वहां पर 2500 से 2510 रुपये क्विंटल में निजी खरीद हो रही है। इसलिए किसान निजी में गेहूं की बिक्री कर रहा है।
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तीन दिन में पंजीकरण न बढ़ाने पर होगी कार्रवाई
बरेली संभाग के संभागीय खाद्य विपणन अधिकारी सचिन कुमार ने क्षेत्रीय विपणन अधिकारी सुरेश बहादुर सिंह को केवल 61 किसानों का पंजीकरण किए जाने पर नोटिस जारी किया है। वहीं विपणन निरीक्षक रामबाबू ने 66, अजीत कुमार सिंह ने 31, अनंतब्रत त्रिपाठी ने 79, मोहित कुमार ने 72, श्रवण कुमार वर्मा ने 72, आलोक कुमार भट्ट ने 98 पंजीकरण किए थे। कम पंजीकरण पर सभी को नोटिस दिया गया है। तीन दिन के अंदर पंजीकरण नहीं बढ़ाने पर कार्रवाई की जाएगी।

निजी की अपेक्षा सरकारी खरीद कम हो रही है। प्रयास किए जा रहे है कि किसानों सरकारी क्रय केंद्रों पर अपनी फसल लेकर आए। इसके लिए गांव-गांव टीमें भेजी जा रहीं हैं।
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- राकेश मोहन पांडेय, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
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