शाहजहांपुर में राजकीय मेडिकल कॉलेज की ओपीडी के गेट पर धरना देते जूनियर डॉक्टर। स्रोत: स्वयं
शाहजहांपुर। कोलकाता कांड के विरोध में बीते दिनों बंद रही ओपीडी में सोमवार को चिकित्सीय सेवाएं शुरू कर दी गईं। मुख्य गेट पर जूनियर डॉक्टरों ने धरना देकर विरोध दर्ज कराया। साथ ही मरीजों की दिक्कतों को देखते हुए ओपीडी में कार्य में सहयोग दिया। दोपहर 12 बजे तक 139 मरीजों ने पर्चे बने थे।
जूनियर डॉक्टर से दुष्कर्म के बाद हत्या के बाद बृहस्पतिवार से जूनियर डॉक्टर आंदोलनरत हैं। उन्होंने शुक्रवार और शनिवार को पूरी तरह से ओपीडी सेवा को बाधित रखा था। इसके चलते डॉक्टर से दवा लेने आए मरीजों को लौटना पड़ा। ओपीडी में रोजाना 1500 से अधिक मरीज आते हैं। इतनी बड़ी तादाद में मरीजों को दिक्कतों को देखते हुए रविवार रात को जूनियर डॉक्टरों ने ओपीडी चलाने के लिए सहमति दे दी। वे विरोध के साथ ही कार्य करने पर सहमत हुए थे। सोमवार को जूनियर डॉक्टरों ने सुबह आठ बजे पहुंचकर ओपीडी के मुख्य गेट पर बैनर-पोस्टर लगाकर धरना शुरू कर दिया। उन्होंने मुख्य गेट खुलने नहीं दिया।
जूनियर ने सीनियर डॉक्टरों के साथ नौ बजे से ओपीडी में सहयोग किया। इस बीच धरना भी जारी रहा। रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन की अध्यक्ष डॉ. अन्वेशा ने बताया कि मरीजों की दिक्कतों को देखते हुए ओपीडी को शुरू करने में सहयोग करेंगे। साथ ही सेंट्रल प्रोटेक्शन एक्ट की मांग पूरी न होने तक आंदोलन भी जारी रहेगा। धरना देने वालों में डॉ.अवनीश, डॉ.अभिनव, डॉ.आशीष, डॉ.विनीता, डॉ.पवन, डॉ.अजीत, डॉ.इमाद, डॉ.अब्दुल्लाह आदि मौजूद रहे।
-रक्षाबंधन के त्योहार के चलते ओपीडी में 139 मरीज देखे गए हैं। मुख्य गेट बंद होने के चलते अन्य गेट तक मरीज ओपीडी तक पहुंचे थे। जूनियर डॉक्टरों ने शर्तों के साथ कार्य में सहयोग किया है।
डॉ.राजेश कुमार, प्राचार्य-राजकीय मेडिकल कॉलेज