शाहजहांपुर। तिलहर में लखनऊ-दिल्ली नेशनल हाईवे किनारे जमीन न मिलने से रोडवेज बस अड्डा बनाने का प्रस्ताव अटक गया है। प्रभारी सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक ने प्रशासन को दोबारा पत्र भेजकर भूमि दिलाने की मांग की है।
तिलहर का बस अड्डा आबादी के बीच में बना है। इस कारण रोडवेज बसें सीधे निकल जाती हैं। यात्रियों को हाईवे किनारे धूप व बारिश में खड़े होकर बसों का इंतजार करना पड़ता है। उनकी परेशानी को खत्म करने के लिए परिवहन निगम ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर बाइपास के आसपास भूमि की मांग करते हुए एसडीएम को पत्र भेजा था। इस बीच लोकसभा चुनाव की आचार संहिता के चलते फाइल अटक गई थी। कई महीने बीतने के बाद भी जमीन की तलाश पूरी नहीं हो सकी। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक शैलेंद्र प्रकाश बताते हैं कि हाईवे के किनारे थोड़ी सी जमीन देने के लिए फिर से प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र भेजा गया। जमीन मिलने के बाद अग्रिम प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
बस अड्डे की हालत खराब
-मौजमपुर क्षेत्र में दो एकड़ में बने रोडवेज बस अड्डे की हालत काफी खराब है। परिसर के आधे से अधिक भाग में मलबा भरा है। बस अड्डे की चहारदीवारी को फल विक्रेताओं ने घेर रखा है। मुख्य गेट पर भी अतिक्रमण है।