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लखनऊ और बिजनौर के कुख्यात अपराधी से दोस्ती निभाती रही पुलिस, वह दीवार फांद भाग गया

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शाहजहांपुर/ भावलखेड़ा। लखनऊ और बिजनौर समेत कई जिलों में अपराध की घटनाओं को अंजाम देने वाले शातिर अपराधी आदित्य राणा की निगरानी में पुलिस की लापरवाही सामने आई है। पुलिस ने उसके हाथ में हथकड़ी तक लगाना उचित नहीं समझा। प्रत्यक्षदर्शी बताते है कि ढाबे पर दरोगा पूरी तरह से बेफिक्र रहे। सिपाही आराम से चारपाई पर लेट गए और आदित्य शौचालय की दीवार फांदकर फरार हो गया।
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नेशनल हाईवे पर थाना रामचंद्र मिशन क्षेत्र के रेड चिली ढाबा से भागा अभियुक्त आदित्य राणा बड़ा अपराधी है। उस पर लखनऊ, बिजनौर, मुरादाबाद आदि जिलों में हत्या, हत्या की कोशिश समेत तमाम गंभीर धाराओं में केस दर्ज हैं। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो रात दस बजे ढाबे के सामने पार्किंग में पुलिसकर्मियों की कार आकर रुकी थी। आदित्य राणा व दरोगा और सिपाही नीचे उतरे। सिपाही ढाबे के पास पड़ी चारपाई पर लेट गए। इस बीच आदित्य राणा वहीं घूमता रहा। माना जा रहा है कि वह भागने का रास्ता तलाश रहा होगा। उसके हाथ में हथकड़ी भी नहीं थी।
ढाबे पर काम कर रहे कर्मचारियों के मुताबिक पुलिस वाहन से उतरने के बाद एसआई दीपक कुमार ने सबसे पहले मीनू के बारे में पूछा। इसके बाद सिपाहियों के हवाले आदित्य को छोड़कर फ्रेश होने के लिए चले गए। चाय की दुकान चलाने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि दरोगा ओपन वॉशरूम में गए। उनके पीछे आदित्य राणा भी पहुंच गया। आदित्य शौचालय में घुस गया और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। एसआई दीपक कुमार को यह पता था कि राणा शौचालय के अंदर है। इसके बावजूद वह वहां नहीं रुके और वापस खाने की टेबल की तरफ बढ़ गए। खाने की टेबल के पास पहुंचे थे कि राणा ने शौचालय का दरवाजा खोला और रेस्टोरेंट की करीब साढ़े पांच फुट की दीवार फांदकर पीछे खेतों की तरफ भाग गया। उसके भागने से पुलिसकर्मियों में खलबली मच गई। पहले तो वे खुद दीवार फांद कर उसके पीछे दौड़े।
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बताते हैं कि होटल संचालक की ओर से थाना रामचंद्र मिशन पुलिस को सूचना दी गई। करीब 10 मिनट के बाद थाना प्रभारी निरीक्षक महेंद्र सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर आ गए। उन्होंने अलग-अलग टीम बनाकर हरदोई बाईपास चौराहा, रौसर कोठी, टोल टैक्स, चौढेरा, नेशनल हाईवे, हरदोई रोड आदि स्थानों पर सघन तलाशी की लेकिन कोई सफलता हाथ नहीं लगी। बुधवार शाम प्रभारी निरीक्षक थाना राम चंद्र मिशन महेंद्र सिंह ने रेड चिल्ली ढाबे पर जाकर पूछताछ की। पुलिस ने दीवार के पीछे जाकर सुरागरसी की।
लोकल नेटवर्क न होने का दावा
आरसी मिशन थाना प्रभारी महेंद्र सिंह ने बताया कि आदित्य राणा बिजनौर के स्योहारा का रहने वाला है। अब तक जो जांच की गई है, उसमें उसके लोकल नेटवर्क के न होने की बात सामने आई है। राणा यहां से भागने के बाद कहां जाएगा, इस संबंध में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।
ढाबे के सीसीटीवी कैमरे निकले खराब
ढाबा के सीसीटीवी कैमरे खराब होने से पुलिस को भारी मशक्कत हुई। लखनऊ के पुलिसकर्मियों ने भी सीसीटीवी फुटेज देखनी चाही। थोड़ी देर के बाद थाना रामचंद्र मिशन पुलिस भी मौके पर आ गई। स्थानीय पुलिस ने भी जब सीसीटीवी फुटेज के लिए होटल संचालक से कहा तो कैमरे खराब बताए गए।
पांच साल पहले मुरादाबाद से भागने पर घोषित हुआ था इनाम
पांच साल पहले आदित्य राणा मुरादाबाद से भाग गया था। तब उसके ऊपर एक लाख का इनाम घोषित किया गया था। हालांकि, इस समय उसके ऊपर कोई इनाम घोषित नहीं है। पुलिस के मुताबिक, आदित्य पर हत्या, हत्या की कोशिश, लूट आदि के मुकदमे बिजनौर, लखनऊ और मुरादाबाद आदि में दर्ज हैं। बताते हैं कि पड़ोसी के मर्डर के अपराध में गवाहों को भी आदित्य ने मौत के घाट उतार दिया था। शाहजहांपुर पुलिस की प्रारंभिक पड़ताल में सामने आया था कि आदित्य राणा पर 28 मुकदमे दर्ज हैं। लखनऊ और बिजनौर पुलिस से संपर्क साधने पर स्पष्ट हुआ कि आदित्य राणा पर 40 से 41 मुकदमे हैं। मुरादाबाद जेल से भागने के बाद उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। तब आदित्य को अपनी जान बचाना मुश्किल हो गया था। उसे एनकाउंटर होने का खतरा मंडराने लगा था। इसके बाद उसने कोर्ट में सरेंडर कर दिया था।
जानलेवा हमले की कोशिश के मुकदमे में पेशी में लाया गया था
आदित्य राणा बिजनौर के शिवालाकलां थाने में जानलेवा हमले के प्रयास में दर्ज मुकदमे की पेशी के लिए बिजनौर कोर्ट लाया गया था। उसके भागने के बाद जिले की पुलिस ने बिजनौर के पुलिस प्रशासन से संपर्क साधा है। वहां भी पुलिस को अलर्ट कर दिया है। बिजनौर पुलिस ने आदित्य राणा के मुकदमे के गवाहों की सुरक्षा को बढ़ा दिया है।
परिजन से लिए रुपये, बरेली में की थी शॉपिंग
आदित्य राणा ने भागने के लिए पूरी प्लानिंग की थी। सूत्र बताते हैं कि पेशी के दौरान उसने अपने परिजन से कुछ रकम ली थी। अपने कुछ लोगों से मुलाकात की थी। इसके बाद उसने बरेली में शॉपिंग की थी। पुलिसकर्मियों ने रास्ते में उसके दोस्त से भी बात भी कराई थी। माना जा रहा है कि जिस गति से आदित्य राणा भागा है। उसके पीछे कोई कार चल रही होगी जो उसकी गाड़ी का पीछा कर रही होगी। उसके जरिये उसे भागने में मदद मिली होगी।
पुलिस की तीन टीम तलाश में जुटी
एसओजी व पुलिस की दो टीमें आदित्य राणा की तलाश करने में जुटी हैं। उसकी लोकेशन ट्रेस करने के लिए सर्विलांस सेल की मदद भी ली जा रही है। माना जा रहा है कि वह नेपाल जा सकता है। इसलिए वहां भी जाल बिछाया गया है।
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आरोपी की तलाश की जा रही है। तीन टीम लगी हैं। उस पर शासन से बड़ा इनाम घोषित कराया जाएगा। कोशिश है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाए।
संजय कुमार, प्रभारी एसपी शाहजहांपुर
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