शाहजहांपुर। राज्य कर विभाग ने एआई (आर्टिफिशियल इंटेलीजेंसी) की मदद से जिले में कर चोरी के करीब नौ हजार मामले पकड़े हैं। सत्यापन के बाद संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए गए। इनमें करीब दो हजार लोगों से पांच करोड़ रुपये से अधिक वसूली हो चुकी है। 7000 लोगों ने नोटिस का जवाब नहीं दिया है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक अगर जीएसटी जमा नहीं की गई तो रिकवरी की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
जिले में वर्तमान में 18 हजार व्यापारी जीएसटी में पंजीकृत हैं। जीएसटी लागू होने के बाद व्यापारियों में भ्रम की स्थिति बनी रही। रिटर्न दाखिल करते समय व्यापारी सही से जानकारी नहीं दे पाए। इसकी वजह से जीएसटी कम जमा हो पाई। इसके बाद विभाग की ओर से आईआईआईटी (इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नाेलॉजी) प्रयागराज की मदद से सॉफ्टवेयर तैयार कराया गया। इसके बाद एआई के माध्यम से नोटिस जारी किए गए। सॉफ्टवेयर से जारी नोटिस का विभागीय अधिकारियों द्वारा परीक्षण कराया गया। इसमें वर्ष 2017-18 में दो करोड़ 45 लाख, वर्ष 2018-19 में 2 करोड़ 64 लाख रुपये वसूले जा चुके हैं। दोेनों वर्षों का मिलाकर करीब दो हजार लोगों से राज्य कर विभाग ने पांच करोड़ नौ लाख रुपये वसूले हैं, लेकिन अब भी 7000 लोग बाकी हैं।
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सात हजार लोगों की विभाग के स्तर पर जांच कराई जा रही है। अगर उनके रिकॉर्ड में कमी पाई गई तो विभाग की ओर वसूली कराई जाएगी।
-प्रवेश तोमर, उपायुक्त, राज्य कर विभाग