शाहजहांपुर/ कलान। पेट में दर्द होने पर मुख्य रोड पर स्थित अवैध सिटी अस्पताल में भर्ती थाना क्षेत्र के मोहल्ला उल्फतनगर निवासी मोहर्रम की पत्नी आसमा (25) की मौत हो गई। दो माह की गर्भवती महिला की मौत के बाद परिजन ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। पुलिस ने झोलाछाप समेत तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। डिप्टी सीएमओ ने अभिलेख ना दिखा पाने पर अस्पताल को सील कर दिया है।
मेहनत-मजदूरी करने वाले मोहर्रम की पत्नी आसमा के बृहस्पतिवार को पेट में दर्द होने पर कस्बे की प्रियंका उर्फ रिया को उपचार के लिए बुलाया था। उसके दवा खिलाने पर आराम न मिलने पर प्रियंका व उसका भाई अजय मुख्य रोड पर स्थित अवैध अस्पताल में आसमा को लेकर पहुंचे। यहां अवनीश ने उसे भर्ती कर लिया।
मोहर्रम के अनुसार- उपचार शुरू करने से पहले उसने अवनीश से हालात में सुधार न होने पर पत्नी को दूसरी जगह लेकर जाने की बात कही थी, पर उसने बेहतर उपचार का दावा करते हुए 16700 रुपये जमा करा लिए थे। रात करीब 12 बजे आसमा की तबीयत बिगड़ने पर झोलाछाप ने खून की कमी बताते हुए रेफर कर दिया। कुछ देर में महिला की मौत हो गई।
परिजन ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू किया तो झोलाछाप और रिया मौके से भाग गए। सूचना पर थाना प्रभारी प्रभाष कुमार मौके पर पहुंचे व लोगों को समझाकर शांत करने का प्रयास किया। मोहर्रम ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उनकी तहरीर के आधार पर अवनीश निवासी ग्राम गंगापुर थाना सिकंदरपुर वैश्य जिला कासगंज व प्रियंका उर्फ रिया व उसके भाई अजय के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। पुलिस ने आरोपी अवनीश को हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
अस्पताल स्वास्थ्य विभाग के अभिलेखों में पंजीकृत नहीं है। अस्पताल में चिकित्सीय कार्य के सारे उपकरण मिले हैं। अवैध अस्पताल को सील कर दिया है। झोलाछाप के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया गया है। - डॉ. मोहम्मद आसिफ, डिप्टी सीएमओ