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Shahjahanpur News: मंडियों से घर तक पहुंचते-पहुंचते दोगुने हो रहे आलू के दाम

Fri, 17 Mar 2023 12:34 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
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सब्जी विक्रेता। संवाद
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शाहजहांपुर/पुवायां। मंडियों में आलू के थोक दाम स्थिर रहने के बावजूद फुटकर भाव बढ़ाकर बिचौलिए मुनाफा कमाने में जुट गए हैं। किसान का आलू मंडी में चार सौ से पांच सौ रुपये क्विंटल बिक रहा है, लेकिन आम उपभोक्ता को यही आलू दस से 12 रुपये प्रति किलो यानी 1000 से 1200 रुपये प्रति क्विंटल के भाव मिल रहा है। यही नहीं, हाईब्रिड श्रेणी के आलू का भाव मंडियों में थोड़ा बढ़ा है, लेकिन उसकी तुलना में फुटकर भाव ज्यादा चढ़ रहे हैं। इसका सीधा अर्थ है कि किसान के आलू पर बिचौलिए मौज कर रहे हैं।
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रोजा मंडी में एक सप्ताह से थोक भाव स्थिर
जिले के शीतगृहों में आलू का भंडारण बढ़ने के साथ ही फुटकर दाम चढ़ने लगे हैं। गत सप्ताह फुटकर बाजार में सामान्य आलू का भाव 50 रुपये का सात किलो तो सड़कों और गलियों में ठेलों पर 50 रुपये का छह किलो था, लेकिन अब बाजारों में 50 रुपये का चार किलो और मोहल्लों में 50 रुपये का तीन किलो बिक रहा हैं। हालांकि, मंडियों की आढ़तों पर सामान्य आलू का थोक भाव 400 से 500 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर है। रोजा मंडी के आलू आढ़ती रामरतन ने बताया कि हाईब्रिड श्रेणी का चिपसोना बीते सप्ताह की तुलना में प्रति क्विंटल करीब 100 रुपये बढ़कर 800 रुपये हो गया है। उनका कहना है कि खेतों से आलू लगभग उठ चुका है। मंडी में आवक कम होने पर अगले सप्ताह से आलू के भाव चढ़ने के आसार हैं।
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अनुबंध करने वाली कंपनियों ने दिया अच्छा भाव
इस बार पुवायां और जलालाबाद क्षेत्र में आलू का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ है। कांट्रैक्ट फार्मिंग करने वाले किसानों का आलू 10 से 12 रुपये प्रति किलो के रेट में कंपनियों ने उठा लिया है। उधर, छोटे किसानों में कुछ ने आगे चलकर आलू के रेट बढ़ने की उम्मीद में शीतगृहों में रखवा दिया है, लेकिन जिन किसानों को रुपये की जरूरत है, वे आलू को मंडी में बेच रहे हैं। बंपर उत्पादन के कारण आलू का रेट चार से पांच सौ रुपये प्रति क्विंटल ही है। बिचौलिए आलू खरीदने के बाद उसे फुटकर दुकानदारों को सात से आठ रुपये में बेच रहे हैं और फुटकर दुकानदार आलू को दस से 12 रुपये में बेच रहे हैं।
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आलू चार से पांच सौ रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है। इससे किसान को घाटा हो रहा है। सरकार ने साढ़े छह सौ रुपये प्रति क्विंटल रेट रखा है, लेकिन शाहजहांपुर में आलू नहीं खरीदा जा रहा है। बिचौलियों के ज्यादा मुनाफा कमाने के कारण फुटकर में आलू महंगा बिक रहा है। - बबलू त्रिवेदी, किसान गांव उदना, पुवायां
अगर यही स्थित रही तो किसान आलू का रकबा कम कर सकता है। आलू की फसल के विकल्प तलाश करने होंगे। वैसे आलू एक वर्ष सस्ता और एक वर्ष महंगा बिकता है। इसका कारण खेती का रकबा घटना-बढ़ना भी हो सकता है। - जितेंद्र सिंह, किसान गांव करनापुर पैतापुर, पुवायां
मंडी में आलू जिस रेट में मिलता है, उसी रेट के अनुसार कुछ मुनाफा लेकर फुटकर में बेचना पड़ता है। बड़े व्यापारी आलू खरीद लेते हैं और फिर छोटे दुकानदारों को बेचते हैं। - आसिफ खां, सब्जी विक्रेता खुटार
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छोटे दुकानदार के पास इतनी पूंजी नहीं होती है कि आलू को किसान से खरीदकर बाजार में बेच सके। इस कारण मजबूरन व्यापारी से ज्यादा रेट में आलू लेना पड़ता है। व्यापारी उधार भी दे देता है। इस कारण व्यापारी से खरीद फरोख्त करना फुटकर दुकानदार की मजबूरी है। - राजीव कुमार, सब्जी विक्रेता
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खेतों से आलू की निकासी में थोड़ी कमी आने के साथ उसके थोक भाव में सुधार होने लगा है। जिले के शीतगृहों में आलू भंडारण की कोई समस्या नहीं है। जिले के सभी 31 शीतगृहों की भंडारण क्षमता 1.91 लाख टन है, लेकिन अभी लगभग 1.48 लाख टन आलू भंडारित किया गया है। शीतगृहों में भंडारित करने के बजाय मंडियों की आढ़तों पर वहीं किसान स्वेच्छा से आलू की बिक्री कर रहे हैं, जिन्हें तत्काल नगदी की जरूरत है। - राघवेंद्र सिंह, जिला उद्यान अधिकारी

सब्जी विक्रेता। संवाद

सब्जी विक्रेता। संवाद

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