पुवायां। पुलिस ने अलग-अलग मामलों में 11 आरोपियों का शांतिभंग की आशंका के तहत चालान किया था, लेकिन डॉक्टर तीन आरोपियों का मेडिकल करने के बाद चले गए। आठ आरोपियों को मेडिकल के लिए पुलिस को बंडा सीएचसी भेजना पड़ा।
गांव धर्मंगदापुर जप्ती निवासी अजय कुमार, परमजीत, रामरतन, गांव हरना के तौसीफ, तौफीक, नहिलोरा बुजुर्ग के उमाशंकर, पुवायां के मोहल्ला छावनी के श्याम सिंह, मोहल्ला कसभरा मिशन के सुशील कुमार, मोहल्ला कुरगंजा के लीचू उर्फ राज, गांव बिलसड़ी बुजुर्ग के जीतराम, सतवां बुजुर्ग कॉलोनी के लालबहादुर को मारपीट के अलग-अलग मामलों में 21 अक्तूबर को पकड़ा गया था।
22 अक्तूबर को चालान से पूर्व सभी को मेडिकल के लिए पुवायां सीएचसी भेजा गया था। डॉक्टर ने तीन लोगों का मेडिकल कर दिया और आठ लोगों का मेडिकल किए बिना ही छोड़ कर चले गए। दो घंटे से अधिक समय तक पुलिस मेडिकल कराने के लिए आरोपियों को लेकर सीएचसी पर बैठी रही, लेकिन डॉक्टर के न आने पर आरोपियों को वापस थाने लाया गया। लगभग पौने छह बजे शाम को आठ आरोपियों को मेडिकल के लिए बंडा सीएचसी भेजा गया। थाना प्रभारी हरपाल सिंह बालियान ने बताया कि 11 आरोपियों को मेडिकल के लिए भेजा गया था। आठ आरोपियों का मेडिकल नहीं हो सका, इसके बाद आरोपियों को बंडा सीएचसी भेजकर मेडिकल कराया गया है। मेडिकल के बाद आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
मैं विभागीय कार्य से जिला मुख्यालय गया था। तीन आरोपी पहले लाए गए थे, जिनका मेडिकल हो गया था। आठ आरोपी बाद में लाए गए थे। मैंने ही बंडा सीएचसी से बात कर मेडिकल के लिए आरोपियों को वहां भिजवाया है।
डाॅ. नरेंद्रपाल, अधीक्षक सीएचसी पुवायां