भारतीय स्टेट बैंक के एटीएम से दो हजार का नकली नोट निकलने की शिकायत की रविवार को रीजनल मैनेजर की ओर से नियुक्त अधिकारी और पुलिस ने संयुक्त रूप से जांच की। टेक्निकल टीम न होने के कारण सीसीटीवी फुटेज नहीं देखे जा सके, लेकिन अभी तक की जांच में कोई ऐसा क्लू नहीं मिला जिससे शिकायत की पुष्टि हो पाती। एसबीआई के रीजनल मैनेजर के निर्देश पर बीसलपुर शाखा के ब्रांच मैनेजर भरत भूषण रविवार को बैंक पहुंचे। उनके साथ सीओ सुमित शुक्ल, कोतवाल भरत गौतम और इस मामले के विवेचक एसएसआई अमर सिंह यादव ने मामले की गहनता से जांच पड़ताल की। सीओ ने बताया कि 23 फरवरी की शाम एटीएम में दो हजार और पांच सौ के नोट से 40 लाख रुपये भरे गए थे। दो हजार का नकली नोट निकलने की शिकायत पर बैंक की ओर से उसी समय एटीएम लॉक कर दिया गया। लॉकिंग के दौरान एटीएम में 38, 81500 की रकम शेष थी। रविवार को एटीएम से यह रकम निकालकर सभी नोट चेक किए गए, लेकिन उनमें से एक भी नोट नकली नहीं पाया गया। एटीएम में रुपये भरने वाले बैंक कैशियर से भी पूछताछ की गई। जांचकर्ताओं के अनुसार नकली नोट निकलने की शिकायत से पहले अन्य कई लोगों ने करीब सवा लाख की नकदी एटीएम से निकाली लेकिन उसमें भी एक भी नकली नोट की शिकायत नहीं मिली। सीओ सुमित ने बताया कि सोमवार को सीसीटीवी फुटेज देखकर जांच पड़ताल की जाएगी। बता दें कि 23 फरवरी की शाम सराफ अरविंद गुप्ता के पुत्र ऋतिक ने एटीएम से दस हजार रुपये निकाले थे। उसका कहना था कि दो-दो हजार रुपये के पांच नोट में से एक नोट नकली था। इस मामले में व्यापारियों ने पुलिस तथा एसडीएम से शिकायत की थी।