भावलखेड़ा। लालबाग चौढ़ेरा में सालिगराम (65) की गोली मारकर हत्या के मुख्य आरोपी दामाद संजय को पुलिस तीन दिन बाद भी गिरफ्तार नहीं कर सकी। उसे तलाशने गई तीन टीमें भी खाली हाथ लौट आई हैं।
मोहल्ला भारद्वाजी कॉलोनी निवासी सालिगराम की बेटी खुशबू की शादी थाना सदर बाजार के मोहल्ला वाईबाग निवासी संजय बलधारी के साथ की थी। आरोप है कि शादी के बाद से संजय दहेज को लेकर मारपीट करने लगा था। इसी के चलते खुशबू मायके आ गई थी।
बृहस्पतिवार को सालिगराम को उनकी बड़ी बेटी के चौढ़ेरा स्थित आवास के गेट पर दामाद संजय ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद वह मौके से भाग गया था। उसका भांजे अंकुर उर्फ नकुल को लोगों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया था। मुख्य आरोपी संजय की गिरफ्तारी के लिए थाने की दो टीमों को लगाया था पर अभी तक पुलिस उसे दबोच नहीं पाई है।
पुलिस ने उसकी रिश्तेदारी निगोही, हरदोई और बरेली में दबिश दी। टीमें वहां से खाली हाथ लौट आई हैं। संजय मूल रूप से आसाम का रहने वाला है। इसलिए एक टीम वहां भेजी जाएगी। इंस्पेक्टर सीपी शुक्ला ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।