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वायरल बुखार के प्रकोप से लड़खड़ाई व्यवस्था, मरीजों के लिए अतिरिक्त वार्ड बनाने की तैयारी

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शाहजहांपुर। मलेरिया और डेंगू के साथ ही वायरल बुखार ने लोगों को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया। हर घर में एक या दो लोग वायरल से पीड़ित हैं। राजकीय मेडिकल कॉलेज में बुखार पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद स्वास्थ्य सेवाएं पटरी से उतर गईं हैं। ट्रामा सेंटर के साथ ही बेड तक फुल हो गए हैं। ऐसे में 60 वार्ड का अतिरिक्त वार्ड बनाने की तैयारी शुरू की गई है।
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दिवाली के बाद मौसम परिवर्तन होने से वायरल बुखार का प्रकोप फैलने लगा था। मलेरिया और डेंगू के साथ ही वायरल लोगों को गिरफ्त में लेने लगा है। सर्दी, जुकाम, सीने में दर्द और बुखार से पीड़ित मरीज का ग्राफ अचानक से बढ़ने के कारण राजकीय मेडिकल कॉलेज की स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं। 330 बेड अस्पताल के सारे वार्ड फुल हो गए हैं। बुधवार को ट्रामा सेंटर पर वायरल मरीजों की बढ़ती भीड़ के कारण स्ट्रेचर तक डालने की जगह नहीं बची। ग्लूकोज की बोतल लगाने के लिए स्टैंड तक कम पड़ गए। ऐसे में दो स्ट्रेचर को पास डालकर एक स्टैंड से काम चलाया गया। यही नहीं गैलरी में मरीज की स्ट्रेचर डालकर जाली में बोतल बांधकर उपचार किया जा रहा था। मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने अतिरिक्त वार्ड बनाने की तैयारी शुरू कर दी है।
कुछ दिन सर्जरी रोकने की तैयारी
वायरल बुखार के मरीजों में इजाफे के बाद कुछ दिन के लिए मरीजों की सर्जरी को रोका जाएगा। सीएमएस डॉ. शैलेंद्र ने बताया कि हाइड्रोसील, हार्निया समेत कई सर्जरी कुछ दिन बाद भी कराई जा सकती हैं। इसलिए इमरजेंसी केसों की सर्जरी को छोड़कर अन्य को कुछ दिन रोकने की तैयारी है। उनके खाली बेडों को वायरल बुखार के मरीजों को शिफ्ट कर उपचार किया जाएगा।
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ओपीडी में 30 प्रतिशत वायरल बुखार के मरीज
ओपीडी के डॉक्टर भी इन दिनों वायरल बुखार के मरीजों की संख्या को देखकर काफी बेचैन हैं। डेंगू और मलेरिया के केस भी प्रतिदिन आ रहे हैं। फिजिशियन डॉ. एमएल अग्रवाल ने बताया कि ओपीडी में आने वाले मरीजों में 30 प्रतिशत वायरल बुखार के हैं। प्रतिदिन डेंगू के पांच से छह संदिग्ध मरीज मानकर उनकी जांच कराने की सलाह दी जाती है।
कोरोना वायरस में जिस तरह से राजकीय मेडिकल कॉलेज ने बेहतर मैनेजमेंट किया था। उसी तरह से वायरल बुखार मरीजों का उपचार होगा। कुछ मरीजों को दूसरी जगह शिफ्ट कर बुखार वाले मरीजों के लिए अतिरिक्त वार्ड बनाने की तैयारी है। - डॉ. राजेश कुमार, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज
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330 बेड राजकीय मेडिकल कॉलेज में हैं।
411 मरीज बुधवार को अस्पताल में भर्ती थे।
10 से 15 मरीज ओपीडी से प्रतिदिन भर्ती किए जाते हैं।
100 से अधिक मरीज हर दिन ट्रामा सेंटर में आ रहे हैं।
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