पुवायां। तहसील क्षेत्र में धान की 90 प्रतिशत कटाई हो चुकी है। शुक्रवार दोपहर मंडी में कई धान क्रय केंद्र बंद मिले। जिन केंद्रों पर खरीद हो रही है, वहां भी अब तक बेहद कम खरीद की गई है। सेंटर इंचार्जों का कहना है कि बारिश के कारण धान खरीद में बाधा पड़ी है जबकि किसानों का कहना है कि सेंटर इंचार्ज खर्चा मांग रहे हैं और मना करने पर धान खरीद में आनाकानी की जा रही है। अधिकारी निरीक्षण ही नहीं कर रहे हैं।
केंद्र पांच, कांटे दो, कैसे पूरा होगा लक्ष्य
आरएफसी के पांच क्रय केंद्र मंडी में एक ही जगह पर टीन शेड के नीचे लगे हैं। हर केंद्र का लक्ष्य 35 हजार क्विंटल खरीद का है, लेकिन धान खरीद का आलम यह है कि आरएफसी प्रथम के प्रभारी रामकृष्ण दुबे के अनुसार अभी तक 2350 क्विंटल, द्वितीय पर 1470, आरएफसी तृतीय के प्रभारी रविकांत मिश्रा के अनुसार उनके सेंटर पर 940 क्विंटल, चतुर्थ पर 1140 क्विंटल और पंचम केंद्र पर केवल 745 क्विंटल धान खरीद ही हो सकी है। पांचों केंद्रों के सामने धान के तमाम ढेर लगे हैं, लेकिन पांचों क्रय केंद्रों पर केवल दो कांटों पर ही खरीद हो रही थी।
कई सेंटरों पर नहीं हो खरीद, अधिकारी मौन
पुवायां मंडी परिसर में ही लगे सहकारी संघ बड़ागांव सेंटर के प्रभारी रूपेश कुमार सेंटर पर मिले। बताया कि अभी तक 242 क्विंटल धान ही खरीदा जा सका है। उनके सेंटर का लक्ष्य 25 हजार क्विंटल है। यूपीएसएस बेला छेदा शाखा पुवायां मंडी के प्रभारी हरिओम शुक्ला सेंटर पर नहीं मिले। मौके पर मिले शोभित मिश्रा ने बताया कि प्रभारी का स्वास्थ्य ठीक नहीं है। अभी तक केवल 30 क्विंटल धान खरीद हुई है। पीसीयू पकड़िया हकीम सेंटर भी बंद मिला। किसान सेवा सहकारी समिति बड़ागांव का सेंटर भी बंद मिला। शोभित मिश्रा ने बताया कि इस पर 80 क्विंटल खरीद हुई है।
मेरे पास सात एकड़ धान थे, जिसमें 190 क्विंटल धान हुआ था। पास में कोई सेंटर नहीं लगा है, इस कारण धान को 15 सौ रुपये प्रति क्विंटल में आढ़त पर बेचना पड़ा।
कस्तूरी शर्मा, रूरा खमरिया खुटार
पांच एकड़ धान की फसल थी, जिसमें 105 क्विंटल धान हुआ था। चार अक्तूबर को सेंटरों पर खरीद नहीं हो रही थी, इस कारण पास के राइस मिल में धान को 1575 रुपये प्रति क्विंटल उधार में बेचना पड़ा। अभी तक धान का भुगतान नहीं मिल सका है। - प्रेमशंकर वाजपेयी, उमरिया पुवायां
बारिश के कारण धान में नमी थी। सुखाने की जगह नहीं थी। सेंटर पर खरीद नहीं हो रही थी। इस कारण 15 सौ रुपये प्रति क्विंटल में धान को उधार में बेच दिया है। - दिनेश शुक्ला, धर्मापुर बंडा
सेंटरों पर कह दिया गया कि धान में नमी है। इस कारण धान को मिल में 15 सौ रुपये प्रति क्विंटल उधार में बेच दिया। सेंटर पर बिकता तो रुपये भी ज्यादा मिलते और भुगतान भी जल्द मिल जाता। - अवधेश कुमार, गांव बंडी, बंडा
धान की आवक कम होने के कारण खरीद धीमी गति से चल रही है। अगर धान के ढेर लगे हैं तो किसान सूचित करें, खरीद कराई जाएगी। पुवायां और बंडा मंडी के सेंटरों का निरीक्षण किया जा चुका है। आगे भी किया जाएगा। - अरुण त्रिपाठी, डिप्टी आरएमओ
शाहजहांपुर में धान खरीद: खास बातें
इस वर्ष जनपद में धान की सरकारी खरीद एक अक्टूबर से शुरू हुई और 31 जनवरी 2023 तक जारी रहेगी।
समर्थन मूल्य पर खरीद के लिए विभिन्न खरीद एजेंसियों के 189 क्रय केंद्र खोले गए हैं।
अधिकतम 17 प्रतिशत नमी वाले सामान्य धान का समर्थन मूल्य 2040 रुपये और ए ग्रेड धान का 2060 रुपये निर्धारित है।
शासन से जनपद को पिछले साल के समान 3.70 लाख टन खरीद लक्ष्य दिया गया है।
शुरुआती एक माह में सिर्फ 7225 टन धान की सरकारी खरीद हो सकी है।
विभिन्न क्रय एजेंसियों के 12-13 ऐसे क्रय केंद्र भी हैं, जहां अभी तक धान खरीद नहीं हो सकी।
आढ़तों और राइस मिलों में करीब तीन लाख क्विंटल धान अब तक नीलामी में सस्ते दामों पर बिक चुका है।
आढ़तों पर धान 15 सौ से 1750 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से खरीदा जा रहा है।