प्रदेश के गन्ना आयुक्त विपिन द्विवेदी ने पेराई सत्र 2015-16 में प्रथम किश्त में 230 रुपये क्विंटल की दर से गन्ना भुगतान में पिछड़ने वाली चीनी मिलों पर सख्त रुख अपनाया है। उनके निर्देश पर जिले में बिड़ला ग्रुप की रोजा शुगर वर्क्स, बजाज ग्रुप की मकसूदापुर मिल और पुवायां व तिलहर की सहकारी चीनी मिलों को नोटिस जारी कर संपूर्ण भुगतान शीघ्र नहीं करने पर आरसी जारी कराने की चेतावनी दी गई है। जिला गन्ना अधिकारी बृजेश पटेल ने बताया कि गन्ना आयुक्त के स्तर से हुई समीक्षा मेें पाया गया कि पेराई सत्र 2015-16 में पहली किश्त 230 रुपये की दर से 90 प्रतिशत भुगतान किया जा चुका है। अवशेष देयता मुख्यत: मोदी, मवाना, सिंभावली, राणा और बजाज ग्रुप से संबंधित है। भुगतान में पिछड़ने वाली प्रदेश की 39 मिलों को नोटिस जारी किए गए हैं, जिनमें चार मिलें इसी जिले की हैं। बता दें कि बजाज ग्रुप की मकसूदापुर इकाई प्रथम किश्त के भुगतान में सबसे पीछे है।