शाहजहांपुर। शहर की आध्यात्मिक पहचान हनुमत धाम जल्द ही नए कलेवर में नजर आएगा। यहां आने वाले दर्शनार्थियों के लिए पाथ-वे का पक्का पुल तक निर्माण होगा। इसके लिए भी प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इसमें करीब 15 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। आकर्षक टाइल के साथ किनारे पर सुंदरता के लिए फूल वाले पौधे भी रोपे जाएंगे।
खन्नौत नदी के बीच टापू पर बने हनुमत धाम में बाढ़ का पानी पहुंचने से रोकने के लिए डैम के रूप में गेट लगाया जा रहा है। इसके बनने से नदी के पानी को अधिक मात्रा में टापू तक पहुंचने से रोका जा सकेगा। यह कार्य एक सप्ताह में पूर्ण होने का दावा सिंचाई विभाग के जेई सुधीर सिंह ने किया है। बताया कि इस कार्य के लिए 1.1 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत हुआ है।
अधर में लटका रोप-वे का काम
सिटी पार्क के पीछे से हनुमत धाम तक रोप-वे बनाया जाना प्रस्तावित है, जिसके लिए प्रमुख सचिव और अन्य अधिकारियों ने निरीक्षण करने के बाद बरेली विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष को डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करने के निर्देश दिए थे, लेकिन नगर निगम के अधिकारियों ने इस संबंध में किसी भी तरह की जानकारी से इन्कार किया है।
नगर निगम बनने के बाद महानगर को बड़े शहरों की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। इसी क्रम में सिटी पार्क कॉलोनी के पीछे स्थित श्रीरामजानकी मंदिर से हनुमत धाम तक डेढ़ किलोमीटर का रोप-वे बनाए जाने की तैयारी थी। जून में वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, आवास एवं शहरी नियोजन के प्रमुख सचिव नितिन रमेश गोकर्ण ने यहां निरीक्षण किया। बरेली विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष को डीपीआर के निर्देश दिए थे जिससे पर्यटक ट्रांसपोर्ट विकसित हो सके। साथ ही श्रीरामजानकी मंदिर और हनुमत धाम पर रोप-वे से आने-जाने वालों के लिए स्टेशन तैयार किए जाने थे। दोनों ही स्टेशन 2.5 हजार स्क्वायर फिट की जगह भी चिह्नित की गई थी। रिवर फ्रंट, बच्चों के लिए पार्क और फूड कोर्ट भी बनाने की योजना थी।
रोप-वे बनाने के लिए डीपीआर तैयार करने के निर्देश बरेली विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष को दिए गए थे। उसके बाद में क्या कार्यवाही हुई, इसकी कोई जानकारी नहीं है। तत्कालीन अधिकारियों का तबादला भी हो गया। पाथ-वे और डैम के रूप में गेट लगाने के काम चल रहा है।
- एसके सिंह, अपर नगर आयुक्त, नगर निगम शाहजहांपुर