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धान खरीद : आरएफसी को छोड़ बाकी सभी क्रय केंद्र बंद

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पुवायां। शासन ने 31 जनवरी तक धान खरीद करने के निर्देश दे रखे हैं, लेकिन शाहजहांपुर में आरएफसी को छोड़कर बाकी सभी क्रय एजेंसियों के खरीद केंद्र बंद हो गए हैं। कारण बताया जा रहा है कि खरीद का लक्ष्य 99 प्रतिशत पूरा हो चुका है।
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धान की खरीद एक अक्तूबर से शुरू हुई थी, लेकिन नमी का बहाना बनाकर पहले महीने नाममात्र की खरीद की गई। इसके बाद नवंबर में धीमी गति से खरीद की शुरुआत होने के बाद अचानक सेंटरों पर भारी खरीद दिखाई जाने लगी, जबकि मंडी में धान की ट्रॉलियां नहीं आ रही थीं। प्रत्येक सेंटर पर दो-दो कांटों को स्वीकृति दी गई थी। एक कांटे पर प्रतिदिन तीन सौ क्विंटल तक ही तौल हो सकती थी। बिना ट्रॉलियां आए धान की भारी खरीद पर अमर उजाला ने इस मामले को उठाया था। इसके बाद पुवायां के सभी सेंटरों पर एक-एक कांटा बंद करा दिया गया।
पुवायां मंडी समिति परिसर में विभिन्न एजेंसियों के 23 क्रय केंद्र लगे थे। अब 20 क्रय केंद्र बंद कर दिए गए हैं। मंडी परिसर में अब केवल आरएफसी के तीन क्रय केंद्र ही चल रहे हैं। शुक्रवार को पुवायां मंडी के एक सेंटर पर पुवायां नगर निवासी हिमांशु अवस्थी का 80 क्विंटल धान तौला गया।
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तहसीलों में चल रहे आरएफसी के सेंटर
जिले भर में धान खरीद के लिए स्थापित विभिन्न क्रय एजेंसियों के सभी सेंटर बंद कर दिए गए हैं। पुवायां में आरएफसी के तीन, बंडा उप मंडी परिसर में तीन, जलालाबाद में दो और तिलहर में आरएफसी के तीन क्रय केंद्र अभी चल रहे हैं। जिले में 3.70 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य था। अब तक 3.66 लाख मीट्रिक टन खरीद हो चुकी है। लगभग 99 प्रतिशत खरीद पूरी हो चुकी है।
टिन शेड खाली, धान उठान का काम भी पूरा
पुवायां मंडी समिति परिसर में धान खरीद कर मंडी के टिन शेड में चबूतरों पर लगा दिया जाता है। इस समय सभी चबूतरे खाली पड़े हैं। अधिकारियों का कहना है कि धान को राइस मिलों में पहुंचा दिया गया है। धान उठान का काम पूरा होने के कारण चबूतरे खाली हो गए हैं।
खरीद में गड़बड़ी के लगते रहे आरोप
धान खरीद में भारी धांधली किए जाने के आरोप लगते रहे, लेकिन जांच के नाम पर खानापूरी की जाती रही। कई किसान संगठन लगातार शिकायत करते रहे कि सेंटरों पर किसानों का धान नहीं तौला जा रहा है। राइस मिलों और आढ़तों पर खरीदा गया धान कागजों में सेंटरों पर खरीदा दिखा दिया जाता है। शिकायतों पर जांच के नाम पर खानापूरी होती रही और कोई कार्रवाई नहीं की गई।
जलालाबाद। मंडी समिति में संचालित विभिन्न एजेंसियों के धान खरीद के सभी दस केंद्र पिछले तीन दिनों से बंद चल रहे हैं। साथ ही संचालकों द्वारा वहां से अपना तौल संबंधी सामान भी समेट ले जाने के कारण सन्नाटा पसरा हुआ है। मंडी में काफी दिनों से धान की आवक भी बंद है। आढ़तियों के अनुसार मंडी में काफी दिनों से मूंगफली, तिल व उर्द आदि की फसलें बिक्री के लिए आ रही हैं। सचिव जेपी वर्मा ने बताया कि धान न आने की वजह से सरकारी केंद्र बंद हो चुके हैं।
वर्जन
लक्ष्य का लगभग 99 प्रतिशत धान खरीदा जा चुका है। इस कारण आरएफसी को छोड़कर अन्य एजेंसियों के सेंटर बंद कर दिए गए हैं। अब कुछ ही किसान धान बेचने से रह गए हैं, उनके लिए ही आरएफसी के सेंटरों की सुविधा रखी गई है। - अरुण त्रिपाठी, डिप्टी आरएमओ शाहजहांपुर
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