शाहजहांपुर के राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीज। संवाद
शाहजहांपुर। बुखार व डायरिया से पीड़ित मरीजों की बढ़ती संख्या के चलते राजकीय मेडिकल कॉलेज के बोझ को कम करने कवायद शुरू की गई है। बेड को लेकर मची मारामारी के बीच सीएमओ ने चिकित्सा इकाइयों के प्रभारियों को सीएचसी-पीएचसी पर उपचार करने के निर्देश दिए। रोजाना ही आने वाले मरीजों की संख्या भी तलब की है।
तापमान में उछाल आने के साथ ही डायरिया और बुखार के मरीजों में इजाफा हो गया। ग्रामीण इलाकों से सुबह ही मरीज राजकीय मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में पहुंच जाते हैं। काफी इंतजार के बाद उन्हें दवा मिल पाती है। ओपीडी में रोजाना ही 16 सौ से अधिक व ट्रामा सेंटर में सौ से ज्यादा मरीज पहुंच रहे हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बेड की कमी भी आ गई। लड़खड़ाई स्वास्थ्य सेवाओं को पटरी पर रखने के लिए सीएमओ डॉ.आरके गौतम ने सीएचसी व पीएचसी प्रभारी को निर्देशित किया वह आने वाले मरीजों का अपनी इकाइयों पर उपचार करें। गंभीर रोगी होने पर शहर में रेफर किया जाएगा। इससे मेडिकल कॉलेज का बोझ कम होगा। सीएमओ ने हर स्वास्थ्य इकाई से रोजाना ही ओपीडी व भर्ती मरीजों की सूचनाएं भी तलब की है। इससे
ट्रामा सेंटर में भर्ती हुए 120 मरीज
-शनिवार को ट्रामा सेंटर में 24 घंटे में 120 मरीज भर्ती किए गए हैं। इसमें 50 प्रतिशत तक डायरिया से पीड़ित थे। 330 बेड के अस्पताल में रोजाना सौ से ज्यादा मरीज भर्ती होने से बेड की समस्या खड़ी हुई। सौ अतिरिक्त बेड डाले जाने के बाद भी समस्या जस की तस बनी है। बेड की मारा-मारी खत्म करने के लिए मरीज का थोड़ा स्वस्थ होने पर छुट्टी दी जा रही है।
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-डायरिया व बुखार के मरीजों की सूचना सोमवार से प्रतिदिन पीएचसी-सीएचसी से जिला मुख्यालय पर भेजी जाएगी। गंभीर मरीजों को रेफर करने के लिए निर्देशित किया है।
डाॅ.आरके गौतम, सीएम