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Shahjahanpur News: 15 फीसदी ही नुकसान, तीन हजार हैं प्रभावित किसान

Mon, 27 Mar 2023 01:36 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
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जलालाबाद में फसल के नुकसान का आकलन करते कृषि विभाग के कर्मचारी। संवाद
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शाहजहांपुर। पिछले पांच दिनों में हुई 42 मिमी से अधिक बारिश और तेज हवा से जिले के तीन हजार से अधिक किसानों को फसली नुकसान होने का अनुमान है। रबी सीजन में जिले के करीब 2.54 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में विभिन्न फसलें बोई गई हैं। बारिश से गन्ना सुरक्षित रहा, लेकिन गेहूं, सरसों, मसूर, आलू आदि फसलों को ज्यादा क्षति हुई है। 50 फीसदी गांवों में सर्वे टीमें नुकसान का आकलन कर चुके हैं। अधिकारी भी मानते हैं कि कुल रबी क्षेत्रफल की तुलना में फसली नुकसान दस से 15 प्रतिशत तक सीमित है, लेकिन प्रभावित किसानों की संख्या उस अनुपात में कहीं अधिक है।
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1157 किसानों को मिल सका सूखा और अतिवृष्टि का मुआवजा
पिछले साल खरीफ सीजन की शुरुआत में कम बारिश हुई और बाद में सूखा के हालात बन गए। सितंबर-अक्टूबर में भारी वर्षा और बाढ़ का दंश किसानों को सहना पड़ा। सूखा में धान, मसूर, बाजरा, सरसों आदि फसलों को व्यापक क्षति हुई, लेकिन सर्वे में सिर्फ 60 किसानों की 8.39 फीसदी फसलें प्रभावित मानी गईं। उनकी फसली क्षति 33 प्रतिशत से कम आंके जाने के कारण उन्हें सरकारी नियमों के अनुसार मुआवजा नहीं मिल सका। बाढ़ और बारिश से हुए सर्वे में भी सिर्फ 9.25 प्रतिशत नुकसान मानते हुए 158 किसान मुआवजा के पात्र माने गए। गत वर्ष रबी सीजन में फसली बीमा कराने वाले 224 और खरीफ में 224 बीमित किसानों को मुआवजा मिल सका। इस बार अधिकारी भी मान रहे हैं कि करीब 23 हजार हेक्टेयर में फसलें प्रभावित हुई हैं। इसलिए आपदा प्रभावित किसानों की संख्या भी बढ़ रही है।

धूप निकलने से फसलें जल्दी सूखने की उम्मीद
रात में न्यूनतम तापमान 0.4 डिग्री बढ़कर 18 डिग्री सेल्सियस हो गया। रविवार को सूरज के ताप से बादल छिटके और तेज धूप निकली तो दोपहर तक अधिकतम तापमान 2.2 डिग्री बढ़कर 31.2 डिग्री सेल्सियस हो गया। गन्ना शोध परिषद के मौसम विश्लेषक सुरेंद्र सिंह के अनुसार सुबह से शाम तक बैरोमीटर सूचकांक सामान्य से औसतन 17 अंक नीचे रहा। सोमवार को भी सुबह कुछ देर बादल छाए रहेंगे, लेकिन बाद में धूप निकल आएगी। कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी अधिकारी एवं वरिष्ठ शस्य वैज्ञानिक डॉ. एनसी त्रिपाठी का कहना है कि किसान ज्यादा चिंतित नहीं हों, क्योंकि दो-तीन दिन लगातार धूप निकलने से भीगी फसलें सूख जाएंगी।
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फसली नुकसान का लगभग 50 फीसदी सर्वे पूरा हो चुका है, लेकिन बीते दिन बारिश और हवा चलने के कारण सर्वे टीमों को उन क्षेत्रों में दोबारा सर्वे करने के निर्देश दिए गए हैं, जहां यह काम हो चुका है। बाद में हुई बारिश के कारण फसलों का सर्वे पूरा होने में दो-तीन दिन अतिरिक्त समय लग सकता है। राहत की बात है कि फसली क्षति 15 प्रतिशत तक सीमित है, लेकिन प्रभावित किसानों की संख्या बढ़ रही है जो कि तीन हजार तक पहुंच सकती है। -धीरेंद्र सिंह, उप कृषि निदेशक
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