शाहजहांपुर। दस अक्तूबर तक सड़कों को गड्ढामुक्त करने के निर्देश का शहर में असर नहीं दिख रहा है। शहर में सीवर लाइन खोदे जाने के बाद जिन सड़कों की मरम्मत करा दी गई है, वहां भी गड्ढे हैं। डीएम के मुताबिक समयसीमा 31 अक्तूबर तक बढ़ा दी गई है। हालांकि, कई सड़कें अब भी ऐसी हैं जिनमें पहले जारी आदेशों के समय भी काम नहीं कराया गया था।
25 सितंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 15 दिन में प्रदेश की सभी सड़कों को गड्ढामुक्त करने का आदेश जारी किया था। पीडब्ल्यूडी ने जिले की 400 सड़कों को चिह्नित किया है। आदेश के सात दिन बीतने के बाद भी अब तक शहर की सड़कों की हालत बदतर है। किसी सड़क पर काम होता नजर नहीं आ रहा। पूर्व में कुछ सड़कों की मरम्मत के नाम पर गड्ढों में बजरी भर दी गई थी जो वाहन गुजरने से सड़क पर फैल गई है।
घंटाघर से लाल इमली चौराहे तक की पीडब्ल्यूडी द्वारा बनाई गई नई सड़क बरसात में कई स्थानों पर धंस गई थी। इन स्थानों पर मरम्मत कर दी गई, लेकिन यहां पर सड़क काफी नीचे हो गई है। अचानक वाहन का पहिया जाने से अनियंत्रित हो जाने की आशंका बनी रहती है। केरूगंज से लेकर कचहरी तक की सड़क भी हाल में बनाई गई थी। यहां पर भी कई जगहों पर गड़्ढे हो गए हैं। मरम्मत के नाम पर खानापूर्ति कर देने से बजरी आदि सड़क पर फैली रहती है। इससे दोपहिया वाहनों के फिसलने की आशंका रहती है।
कचहरी से महिला थाने तक सड़क खराब
कचहरी से महिला थाने तक सड़क काफी खस्ता हालत में है। कचहरी ओवरब्रिज पर ही कई जगह गड्ढे हैं। इसके बाद दुर्गा होटल के मोड़ तक कई बड़े गड्ढों के कारण वाहन अनियंत्रित होने की आशंका रहती है। इस सड़क पर हर समय रोडवेज बस-ट्रक गुजरते रहते हैं। जरा-सी चूक होने पर हादसा हो सकता है। यह सड़क काफी समय से बदहाल है। शायद ही कभी इस सड़क की मरम्मत करने की जरूरत महसूस की गई हो।
नवरात्र शुरू...बाजार की सड़कें भी बदहाल
नवरात्र शुरू होने के साथ ही शहर के बाजार में चहलपहल बढ़ गई है। बाजार की सड़कें भी खराब हैं। सदर, चौक, गोविंदगंज, जलालनगर आदि बाजार की सड़कों पर गड्ढे हैं। सड़क पर बजरी बिखरी पड़ी है। व्यापारियों ने आंदोलन की चेतावनी दी तब जाकर थोड़ा-बहुत सुधार किया गया लेकिन अब भी स्थिति संतोषजनक नहीं हो सकी है।
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सीवर लाइन की वजह से हो रहे गड्ढे
बारिश की वजह से सीवर लाइन पर बनी सड़क जगह-जगह बैठ रही है। जल निगम गड्ढा भरने के नाम पर पत्थर और बजरी भर देता हैं। इससे फिर से बारिश होने पर गड्ढा हो जाता है। इसके लिए जल निगम और पीडब्ल्यूडी एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहरा देते हैं। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों का कहना है कि सड़क पर सीवर लाइन डालने के बाद अगर उस जगह पर कोई गड्ढा होता है तो तकनीकी रूप से जल निगम जिम्मेदार है। पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड एक्सईएन महेंद्रपाल ने बताया कि सड़कों की मरम्मत का कार्य चल रहा है। जल्द ही सभी सड़कों को गड्ढामुक्त कर दिया जाएगा। वहीं जल निगम के एक्सईएन कपिल एम. ने बताया कि सीवर लाइन डालने के बाद सड़कों के गड्ढों को भरे जाने का काम चल रहा है।
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मुख्यमंत्री ने सड़कों को गड्ढामुक्त करने की समय सीमा 31 अक्तूबर तक बढ़ा दी है। एनएचएआई समेत सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया जाएगा कि सड़कों के गड्ढों को भर दिया जाए। गुणवत्तापूर्ण कार्य के लिए अधिकारी निगरानी करेंगे।
धर्मेंद्र प्रताप सिंह, डीएम
सदर चौराहा के पास सड़क पर गड्ढा। संवाद
सदर चौराहा के पास सड़क पर गड्ढा। संवाद
सदर चौराहा के पास सड़क पर गड्ढा। संवाद
सदर चौराहा के पास सड़क पर गड्ढा। संवाद