बरामद किया गया दो मुंहा (रेड सैंड बोआ) सांप
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पुवायां (शाहजहांपुर)। वन विभाग की टीम ने पीलीभीत से संरक्षित प्रजाति के दोमुंहा सांप के साथ युवक को गिरफ्तार किया है। पता लगा कि यहां ऐसे सांपों को पकड़ने वालों का गिरोह है, जिसमें चार से पांच अन्य लोग शामिल हैं। बाकी की तलाश हो रही है।
डीएफओ प्रखर गुप्ता ने बताया कि मुखबिर ने सूचना दी कि पीलीभीत के थाना सेहरामऊ उत्तरी के गांव निजामपुर में कुछ लोग जंगल से दोमुंहा सांप पकड़कर बेचने का काम करते हैं। उन्होंने सिंधौली के रेंजर रमाकांत सक्सेना और टीम के साथ निजामपुर में श्रीपाल के घर जाकर यह सांप बरामद कर लिया। श्रीपाल को गिरफ्तार कर लिया गया।
श्रीपाल ने बताया कि सांप को खुटार रेंज के जंगल से पकड़ा है। सांप पकड़ने में पांच लोग और शामिल थे। यह सांप दस लाख रुपये से एक करोड़ तक में बिक जाता है। चीन में दोमुंहा सांप (रेड सैंड बोआ) की बहुत मांग है। श्रीपाल और उसके साथियों पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। डीएफओ ने बताया कि श्रीपाल के साथियों को भी जल्द पकड़ा जाएगा। सांप को जंगल में छोड़ा जाएगा।
मुंह की तरह दिखती है पूंछ, इसलिए कहते हैं दोमुंहा
- डीएफओ ने बताया कि रेतीली सतह पर रहने के कारण इसे रेड सैंड बोआ कहते हैं। ये सांप रात में ही निकलता है। मोटे आकार के चलते ये थोड़े सुस्त चाल के होते हैं। यह सांप खुद अपने बिल नहीं बनाता। ये चूहों को उनके बिल में घुसकर खाता है और बिल पर कब्जा जमा लेता है। ये दूसरे सांप को भी खा लेते हैं। इनमें जहर नहीं होता। मादा रेड सैंड बोआ एक बार में छह से आठ बच्चे देती है। बोआ की खासियत इसकी पूंछ है जो मुंह की तरह दिखती है। खतरा होने पर ये सांप अपनी पूंछ को मुंह की तरह हवा में खड़ा कर लेता है। इसलिए इसे दोमुंहा सांप भी कहा जाता है। सरकार ने सन 1972 में अन्य पांच जीवों के साथ इसे भी संरक्षित जीव की श्रेणी में रखा है।
अफवाह और गलतफहमी से बचें, हो सकती है जेल
डीएफओ प्रखर गुप्ता ने बताया कि कुछ लोग मानते हैं कि दोमुंहा सांप को घर रखने से भाग्योदय होता है तो कुछ लोग इसे दवा आदि के लिए खरीदते हैं। कुछ ठग और ढोंगी इस सांप को तांत्रिक क्रिया में इस्तेमाल करते हैं। यह सब अफवाह और गलतफहमी है। सांप दोमुंहा नहीं होता है। अगर कोई सांप रखता और पकड़ता है तो उस पर कार्रवाई तय है।