पुवायां। किसान गोष्ठी और लेखपालों के माध्यम से गांवों में प्रचार आदि के बाद भी पुवायां तहसील में पराली जलाने की घटनाएं नहीं रुक रहीं हैं। दिवाली का फायदा उठाकर किसानों ने जमकर पराली जलाई। सेटेलाइट से मामला पकड़ में आने के बाद रिपोर्ट जिला प्रशासन तक पहुंची तो खलबली मच गई। बुधवार को डीएम, एसपी, सीडीओ सहित कई अफसर पुवायां क्षेत्र में रहे और गोष्ठी कर किसानों से पराली न जलाने की अपील की।
पुवायां तहसील क्षेत्र में 23 अक्तूबर को पांच, 24 अक्तूबर को दिवाली के दिन पराली जलाने के 52 और 25 अक्तूबर को पराली जलाने के तीन मामले सामने आए। रिपोर्ट मिलने पर अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लिया और बुधवार को डीएम, एसपी एस. आनंद, सीडीओ श्याम बहादुर सिंह ने कई जगहों पर किसान गोष्ठी कर लोगों से पराली नहीं जलाने की अपील की।
पराली जलाना दंडनीय अपराध : डीएम
पुवायां/बंडा/खुटार। डीएम उमेश प्रताप सिंह ने एसपी एस. आनंद, एडीएम रामसेवक द्विवेदी, उप निदेशक कृषि धीरेंद्र सिंह, डीपीआरओ घनश्याम सागर के साथ बंडा के गांव लुकामनपुर बहेड़ा और पुवायां के गांव दिउरिया में चौपाल लगाकर किसानों को पराली न जलाने के लिए जागरूक किया।
डीएम ने कहा कि फसल अवशेष प्रबंधन के लिए एडीएम की अध्यक्षता में अनुश्रवण सेल के गठन किया गया है। सभी गांवों में प्रधानों, ग्रां पंचायत अधिकारी आदि के माध्यम से खुली बैठकें की जा रही हैं और अधिकारियों के मोबाइल स्क्वाइड का गठन किया गया है। पराली जलाने की निगरानी के लिए न्याय पंचायत वार नोडल अधिकारियों की तैनाती भी की गई है। पराली को गोशालाओं और गो सेवकों को उपलब्ध कराने के लिए सीवीओ और उप निदेशक कृषि को भी निर्देशित किया गया है। कंबाइन स्वामियों से बिना एसएमएस कटाई न करने का घोषणा पत्र भी लिया जाएगा। कहा कि किसी भी दशा में पराली न जलाएं, और न ही पराली जलाने दें। पराली जलाना दंडनीय अपराध है। किसानों ने पराली नहीं जलाने का आश्वासन भी दिया।
डीएम करते रहे गोष्ठी, बंडा के पास जलती रही पराली
बंडा। डीएम गांव लुकमानपुर बहेड़ा में किसानों को पराली नहीं जलाने के लिए समझाते रहे और बंडा के पास एक किसान ने पराली जला दी। पराली काफी देर तक जलती रही, लेकिन पुलिस और राजस्व विभाग के किसी भी कर्मचारी ने मौके पर पहुंचकर जांच करने की जरूरत नहीं समझी।
पराली जलाने से कई नुकसान, खेत में ही करें नष्ट : सीडीओ
खुटार। गांव रामपुर कलां और नत्थापुर में प्रमोशन आफ एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन फार इन सीटू मैनेजमेंट ऑफ क्रॉप रेजीड्यू योजना अंतर्गत हुई कृषक गोष्ठी में सीडीओ ने कहा कि पराली जलाने से कई बीमारियों का डर बना रहता है। इससे बुजुर्गों और बच्चों को सांस लेने में दिक्कत होती है। कभी-कभी सांस के रोगियों की मौत भी हो जाती। सीडीओ ने किसानों को पराली नहीं जलाने की शपथ भी दिलाई। इस दौरान किसानों ने छुट्टा पशुओं का मामला उठाते हुए कहा कि पशु फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं।
सीडीओ ने कहा कि छुट्टा पशुओं को राजकीय गो सदन सिमरा वीरान भिजवाया जाएगा। सीडीओ ने कहा कि कोई भी पशु छोड़ता है तो इसकी सूचना प्रशासन को दें, कार्रवाई की जाएगी। गांव चमराबोझी के परशुराम वर्मा ने कहा कि उनकी ग्राम पंचायत में 18 एकड़ जमीन चरागाह के नाम नवीन परती में दर्ज है। इस जमीन पर असरदार लोग अवैध कब्जा कर फसल कर रहे हैं। सीडीओ ने मौके पर मौजूद नायब तहसीलदार आशीष सिंह को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि एक सप्ताह में जमीन की पैमाइश कर अवैध कब्जेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। जमीन पर खड़ी फसल भी नीलाम की जाए। इस दौरान डीडीओ पवन कुमार सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।