शाहजहांपुर/परौर। परौर क्षेत्र में रामगंगा पार बसे करीब तीन दर्जन गांवों के लोगों को तहसील और जिला मुख्यालय तक आने-जाने में दिक्कत हो रही है। क्षेत्र के हैदलपुर घाट पर हर साल पैंटून पुल बनाया जाता है। तीन किमी पहले मंझा घाट पर पक्का अथवा पैंटून पुल बनाए जाने को लोग जनप्रतिनिधियों से पैरवी कर रहे हैं।
परौर क्षेत्र के काश्तकारों की खेती की अधिकांश जमीनें रामगंगा के पार हैं। इससे किसानों को फसलों की रखवाली के लिए पूरे समय रामगंगा के उस पार खेतों में झोपड़ी डालकर रहना पड़ता है। वहीं अपने दुधारू जानवर बांधकर उनके चारे की व्यवस्था करते हैं क्योंकि नाव से रोज रामगंगा पार करके घरों को जाना संभव नहीं है। परौर समेत कुंडलिया, गोलागंज, नारायणनगर पश्चिमी, नारायणनगर पूर्वी, मंझा, हैदलपुर, चपरा, दहेलिया, कुंडरी आश्रम, कादराबाद, अमृतापुर आदि गांवों के लोग भी कटरी में अपनी झोपड़ी डालकर रहते हैं। छुट्टा पशु इतनी संख्या में हैं कि पलक झपकते ही फसल नष्ट कर देते हैं। इसलिए क्षेत्र के लोग लंबे अरसे से मंझा, साहनी अथवा कुंडलिया में किसी एक घाट पर पक्के पुल की मांग कर रहे हैं।
कई शहरों के लिए सफर हो जाएगा आसान
रामगंगा के मंझा घाट पर पक्के पुल का निर्माण कराया जाए तो रामगंगा के इस पार के गांव परौर, कुंडलिया, दहेलिया, हैदलपुर, कौमी, हरद्वारा, बघौनी, कुबेरपुर, जुआ जूही, पचदेवरिया, चौकिया, हरनोखा, खजुरी, बमोरा, रठेली, चपरा, बरकी मई, ककोड़ा, अस्तौली, नौगवां, धर्मपुर, गणेशपुर, बाराकलां, रफियाबाद, दसिया कुबेरपुर आदि गांवों के लोगों को शाहजहांपुर जाना आसान हो जाएगा। शाहजहांपुर को सीधा रास्ता खुलने पर लोग लखनऊ, सीतापुर, हरदोई, लखीमपुर खीरी आदि शहरों की दूरी कम समय में आसानी से तय हो सकेगी।
मंझा घाट पर इसलिए जरूरी है पक्का पुल
परौर क्षेत्र में रामगंगा के हैदलपुर और कुंडलिया घाट पर हर साल दिसंबर से जून तक पैंटून पुल की सुविधा मिलती है। खास यह है कि दोनों पैंटून पुल बमुश्किल पांच किमी परिधि में बनते हैं और उनसे जुड़ने वाले गांवों की संख्या कम होने से यहां ज्यादा आवागमन भी नहीं होता। दूसरी ओर मंझा घाट के दोनों ओर करीब चार दर्जन से अधिक गांव बसे हैं। इसीलिए क्षेत्र के लोग जनप्रतिनिधियों से वहां पक्का पुल बनवाने की मांग कर रहे हैं। क्षेत्रीय विधायक वीर विक्रम सिंह ने क्षेत्र की जनता को आश्वस्त भी किया है कि क्षेत्र में रामगंगा पर पक्के पुल का प्रस्ताव शासन को भिजवाएंगे। पुल बनने पर बिरिया गांव के पास पक्की सड़क मिल जाती है जो बरुआ, बुधवाना, मदनापुर, मोहनपुर, डींगुरपुर होकर कांट निकलती है।
परौर क्षेत्र में हैदलपुर घाट और कुंडलिया घाट पर विभाग की ओर से हर साल की इस बार भी जल्द पैंटून पुल तैयार कराए जाएंगे। वहां पक्का पुल बनाने का एक प्रस्ताव सेतु निगम की ओर से शासन को भेजे जाने की जानकारी मिली है लेकिन आगे की प्रगति के बारे में कोई सूचना नहीं है। - राजेश चौधरी, अधिशासी अभियंता, लोनिवि (निर्माण खंड-1)