शाहजहांपुर के पुवायां में कुमकुम अस्पताल को अवैध मान रहे स्वास्थ्य अधिकारियों ने अब अस्पताल संचालक को भी झोलाछाप मान लिया है। डिप्टी सीएमओ ने कुमकुम अस्पताल के संचालक को झोलाछाप मानते हुए नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है। अस्पताल सील होने के बाद संचालक ने सामने के भवन में अस्पताल शुरू कर दिया था।
डिप्टी सीएमओ डॉ. रोहिताश कुमार की ओर से कराई रिपोर्ट में बताया गया है कि पुवायां के बड़ागांव में अजय कुमार की ओर से कुमकुम अस्पताल संचालित किया जा रहा था। आठ अक्तूबर को सीएमओ के निर्देश पर उन्होंने इस अस्पताल का निरीक्षण किया था। यहां चिकित्सा उपकरण, दवाइयां, ऑपरेशन थिएटर, लेबर रूम, पेशेंट टेबिल, मरीजों के बेड आदि पाए गए थे। गांव मजीदपुर की संगीता देवी का ऑपरेशन किया गया था। अजय कुमार को नोटिस जारी कर प्रमाणपत्र और जवाब मांगा गया था। 29 अक्तूबर को फिर निरीक्षण किया गया तो अस्पताल बंद मिला, जिस पर एक नोटिस चस्पा कराया गया।
अजय कुमार को एक नवंबर को अभिलेखों सहित सीएमओ कार्यालय बुलाया गया। अजय कुमार नहीं आए और कोई अभिलेख भी उपलब्ध नहीं कराए। चार नवंबर को कुमकुम हॉस्पिटल को अनाधिकृत और झोलाछाप मानते हुए सील कर दिया गया। पांच नवंबर को पता चला कि अजय कुमार ने मेडिकल एक्ट का उल्लंघन कर सील अस्पताल के सामने एक हॉल में अस्पताल संचालित कर दिया है। सीएचसी प्रभारी को भेजकर दवाएं और अन्य सामग्री सील कर पुलिस को सौंप दी गईं।
झोलाछाप के तौर पर अजय कुमार इस अपंजीकृत अस्पताल का संचालन कर रहे थे। मामले में रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। बरामद दवाओं को पुवायां के सीएचसी प्रभारी ने सील कर पुलिस की सुपुर्दगी में दे दिया है।
- डॉ. रोहिताश कुमार, डिप्टी सीएमओ शाहजहांपुर