पशुपालन विभाग से जुड़े पशु चिकित्सकों ने गैर विभागीय ड्यूटी लिए जाने का कड़ा विरोध करते हुए सरकार को जायज मांगें स्वीकार नहीं करने पर बेमियादी आंदोलन छेड़ देने की चेतावनी दी है। सदर के पशु अस्पताल में पशु चिकित्सा संघ की जिला इकाई से जुड़े डॉक्टरों की शुक्रवार को हुई बैठक मेें सरकार से प्रैक्टिस बंदी भत्ता दिए जाने सहित अन्य कई मांगें की गईं। इस मौके पर संघ के संरक्षक डॉ. इंद्रमनि ने कहा कि शासन ने न्यायालय के आदेश पर पशु चिकित्सकों को प्राइवेट प्रैक्टिस करने की अनुमति दे रखी है, लेकिन दोपहर ढाई बजे के बाद भी वेटनरी डॉक्टरों से अन्य विभागीय कार्य लिए जाने के कारण पशु चिकित्सक प्राइवेट प्रैक्टिस नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह केंद्र सरकार ने अन्य कई राज्यों के पशु चिकित्सकों को प्रैक्टिस बंदी भत्ता अनुमन्य किया है, वही व्यवस्था यूपी में भी लागू की जाए। बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाध्यक्ष डॉ. अनिल चौरसिया ने कहा कि सरकार ने इस बारे में कोई नीतिगत निर्णय जल्द नहीं किया तो संघ के प्रांतीय नेतृत्व के निर्देश पर 16 जून से चरणबद्ध आंदोलन छेड़ दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पहले दिन सभी डॉक्टर सामूहिक अवकाश पर रहेंगे और 23 जून को रैली निकालकर डीएम को ज्ञापन देंगे। इस पर भी बात नहीं बनी तो 30 जून को निदेशालय भवन के सामने धरना दिया जाएगा। तय किया गया कि प्रांतीय नेतृत्व के निर्देश के अनुपालन में 16 से 30 जून तक कोई डॉक्टर स्लाटर हाउसों में जांच नहीं करेगा। संघ के महामंत्री डॉ. धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार इस पर भी नहीं चेती तो एक जुलाई से क्रमिक अनशन शुरू करना पड़ेगा। बैठक में डॉ. सतीश अग्रवाल, डॉ. इस्लामुद्दीन, डॉ. शिवकुमार शुक्ला, शिवकुमार सिंह आदि मौजूद रहे।