शाहजहांपुर। शिष्या से दुष्कर्म के मामले में पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री चिन्मयानंद को निचली अदालत से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने उनके खिलाफ जारी गैर जमानती वारंट को वापस ले लिया है। उनकी शिष्या की ओर से दर्ज कराए दुष्कर्म के केस को वापस लेने के राज्य सरकार के फैसले पर उच्च न्यायालय ने अपना फैसला सुरक्षित रखा है।
चिन्मयानंद के अधिवक्ता फिरोज हसन खान ने बताया कि सोमवार को उच्च न्यायालय का आदेश शाहजहांपुर की एसीजेएम तृतीय/एमपी-एमएलए कोर्ट में दाखिल हुआ। अधिवक्ता की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने स्वामी चिन्मयानंद को बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ जारी गैर जमानती वारंट की प्रक्रिया को वापस लेने का आदेश पारित किया। इस मामले में उच्च न्यायालय द्वारा पूर्व में ही निर्णय सुरक्षित किया गया है। एसीजेएम कोर्ट से जारी गैर जमानती वारंट की प्रक्रिया पर रोक लगाने के लिए चिन्मयानंद ने उच्च न्यायालय में अपील दायर की थी। इस संबंध में उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति राहुल चतुर्वेदी ने निचली अदालत को निर्देश जारी किए थे। इसी के मद्देनजर सोमवार को एसीजेएम कोर्ट तृतीय ने स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ जारी गैर जमानती वारंट वापस ले लिया है।