शाहजहांपुर। इंस्पायर अवार्ड मानक योजना के तहत लक्ष्य से आधे ही नामांकन हो सके। विद्यालयों की उदासीनता के कारण लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया। जनपद को 6365 का लक्ष्य दिया गया था, इनमें से करीब 3100 नामांकन हो पाए हैं। लक्ष्य पूरा न करने वाले विद्यालयों से जवाब मांगा जाएगा।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने 2008 में इंस्पायर अवार्ड योजना की शुरुआत की थी। इसके तहत जिले में संचालित 6वीं से 10वीं तक के 1273 विद्यालयों के बच्चों से मौलिक विचारों और रोजमर्रा की समस्याओं को सुलझाने वाले विचार लिए जाने थे, जिन बच्चों का विचार चयनित होगा, उसे 10 हजार रुपये दिए जाएंगे। अगर वह विचार अगले चरण में शामिल होता है तो उस बच्चे को राष्ट्रपति पुरस्कृत करेंगे। उसे स्टार्टअप इंडिया और स्किल इंडिया से जोड़ा जाएगा। राष्ट्रीय स्तर पर चयनित छात्र-छात्राओं को विदेश के वैज्ञानिक संस्थानों में भी जाने का मौका मिलेगा। इस योजना में प्रत्येक विद्यालय से अधिकतम पांच बच्चे का आइडिया लिया जाना था, लेकिन विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों व शिक्षकों द्वारा रुचि नहीं दिखाने से लक्ष्य के सापेक्ष आधे नामांकन भी नहीं हो सके हैं। जबकि इसके लिए कई बार अंतिम तिथि को भी बढ़ाया।
15 अक्तूबर को अंतिम तिथि तक 3100 के करीब नामांकन हुए। डीआईओएस हरिवंश कुमार का कहना है कि इंस्पायर अवार्ड योजना के तहत नामांकन की संख्या बढ़ाने के लिए प्रयास किए गए थे। जिन विद्यालयों में एक भी नामांकन नहीं हो सके, उनसे जवाब मांगा जाएगा।