तहसील क्षेत्र के कई गांवों में स्वजल धारा परियोजना के तहत बनाई गई पानी की टंकियां सफेद हाथी बन कर रह गई हैं। इन टंकियों के निर्माण कई वर्ष बाद तक गांव के लोगों को पेयजल सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। वर्ष 2005-06 में स्वजल धारा परियोजना के तहत गांवों में पानी की टंकियों और पंप हाउस का निर्माण कराया गया था। योजना का उद्देश्य गांव के लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना था। कई लाख रुपये की लागत से बनाई गई पानी की टंकियाें का निर्माण और बोरिंग कराने के बाद गांवों में पाइप लाइन डाल दी गई, लेकिन उसके बाद इनमें बिजली कनेक्शन, मोटर आदि लगाने की कार्रवाई अधर में छोड़ दी गई। निर्माण के बाद से ही किसी ने इनकी सुध लेने की जरूरत नहीं समझी। देखरेख के अभाव में टंकियों के पंप हाउसों पर लोगों ने कब्जा कर जानवर आदि बांधना शुरू कर दिया है। टंकी बनने के समय गांव के लोगों को उम्मीद थी किअब वे लोग भी शहरों की तरह टंकी के माध्यम से आने वाले स्वच्छ जल का उपयोग कर सकेंगे, लेकिन अब तक उनकी यह मुराद पूरी नहीं हो सकी है। अब तमाम गांवों में सीसी रोड का निर्माण कराया जा रहा है। ऐसे में जब यह टंकियां शुरू की जाएंगी तो लोगों को कनेक्शन देने के लिए सीसी रोड का तोड़ना पड़ेगा, जिस कारण कराए गए विकास कार्यों का भारी नुकसान होगा।