तिलहर आर्य समाज में श्रद्धालुओं को संबोधित करते आचार्य जितेंद्र सिंह आर्य
तिलहर। आर्य समाज परिसर में रविवार को हुई विचार गोष्ठी में आर्य समाजियों ने गुरु पूर्णिमा पर्व का महत्व बताया। आचार्य जितेंद्र सिंह आर्य ने कहा कि वर्षा ऋतु में वानप्रस्थी नगरों के समीप आ जाते थे और जन सामान्य से कुछ ग्रहण करने से पहले शिक्षा दान दिया करते थे। इसीलिए इस पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा कहा गया है।
उन्होंने कहा कि ईश्वर सर्वथा पूर्ण हैं, उनके अलावा कोई भी व्यक्ति पूर्ण नहीं है। पं. उदित आर्य ने श्रीमद् दयानंद प्रकाश और सत्यार्थ प्रकाश के अंश सुनाते हुए वेदों के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। कार्यक्रम का शुभारंभ यज्ञ के साथ हुआ। इस मौके पर पं. गिरीश चंद्र शर्मा, लोकेश कुमार, नन्हें लाल गंगवार, विष्णु मौर्य, अंकित कुमार आदि मौजूद रहे। संवाद