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सरकारी सेंटरों पर नहीं हो रही धान की खरीद, नुकसान उठा रहे किसान

Wed, 04 Oct 2017 05:47 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो,शाहजहांपुर
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गेंहू
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सरकार द्वारा धान खरीद सेंटर खोले जाने के बाद भी वहां पर धान की खरीद नहीं की जा रही है। किसान आढ़तों पर बेहद कम कीमत में धान बेचने को मजबूर है। जिस कारण उन्हें भारी घाटा हो रहा है। अधिकारी भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। पुवायां तहसील क्षेत्र में धान खरीद के लिए 33 सेंटर खोले गए हैं। लेकिन इन सेंटरों पर सेंटर इंचार्जों के दर्शन ही नहीं हो रहे हैं। मजबूरी में किसान ट्रॉलियों में धान भरकर मिलों पर लंबी लाइन लगाने को मजबूर हैं। यहां नौ सौ से एक हजार रुपए में धान की खरीद की जा रही है। इस संबंध में किसानों का कहना है कि सेंटरों पर कोई कर्मचारी मिलता ही नहीं है तो धान का सौदा किससे होगा। यदि कभी कोई मिल भी गया तो वह धान खरीद में इतने पेंच फंसाता है कि किसान मजबूर होकर आढ़तों पर धान बेच देता है। किसानों के अनुसार इस बार बारिश न होने से सिंचाई आदि के कारण धान की लागत काफी ज्यादा बढ़ गई है, लेकिन रेट बेहद कम मिल रहे हैं, जिस कारण लागत तक नहीं निकल रही है। सूत्र बताते हैं कि कुछ सेंटर इंचार्ज दलालों से मिलकर फर्जी खरीद दिखाने की तैयारी में लगे हैं। दलालों के माध्यम से सस्ते में खरीदे गए धान को किसान से खरीद दिखाकर भारी गोलमाल की पूरी रणनीति तैयार कर ली गई है। किसानों से खरीद के समय उनकी किसान बही लेकर नाम की जगह कागज चिपकाकर फर्जी नाम की किसान बही तैयार कर धान खरीद दिखाकर सरकारी राशि से जेब भरने की योजना के तहत ही सेंटर से अधिकारी कर्मचारी नदारद रहते हैं। किसानों का कहना है कि धान पर लिया गया कर्ज चुकाने तक में परेशानी हो रही है ऐसे में आलू, गेहूं आदि की फसल की बुवाई कैसे होगी यह बड़ा सवाल है। 
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