0 रेलवे स्टेशन पर 31 अगस्त की रात वैशाली की आठ माह की बच्ची की हुई थी हत्या
0 परिजन उसे मानसिक रूप से परेशान बता रहे, जीआरपी को नहीं दिखा सके कोई सुबूत
संवाद न्यूज एजेंसी
शाहजहांपुर। रेलवे स्टेशन के सरकुलेटिंग एरिया में 31 अगस्त की रात को वैशाली की आठ माह की बच्ची को जमीन पर पटककर मारने के आरोपी अशोक के विक्षिप्त होने का कोई सुबूत नहीं मिल सका है। जघन्य मामले को देखते हुए कोर्ट में ट्रायल शुरू हो गया है। जीआरपी पैरवी कर उसे सजा दिलाने के लिए प्रयासरत है।
हरदोई निवासी वैशाली 31 अगस्त की रात मुख्य गेट पर बेटी प्रीति के साथ डिवाइडर पर सो रही थी। तभी सिंधौली थाना क्षेत्र के गांव आयुं निवासी अशोक उसकी बेटी को उठाकर भागा। लोगों के दौड़ाने पर उसने बच्ची को जमीन पर फेंक दिया था। इससे उसकी मौत हो गई थी। लोगों ने अशोक को पीटकर पुलिस के हवाले कर दिया था। आरोपी के खिलाफ गैरइरादतन हत्या में मामला दर्ज कर जेल भेज दिया गया था।
जीआरपी ने आरोपी अशोक का रिकॉर्ड खंगाला। अशोक के परिजन उसे मानसिक रूप से परेशान बता रहे थे। बताया था कि अशोक का उपचार बरेली के एक डॉक्टर से चल रहा था। डॉक्टर का पर्चा भी दिया था। जीआरपी ने जांच के बाद पर्चे के जरिये विक्षिप्त मानने से इन्कार कर दिया है।
इंस्पेक्टर रेहान अली ने बताया कि एक पर्चे के जरिये किसी को विक्षिप्त नहीं मान सकते हैं। पर्चा तो किसी भी डॉक्टर से लिखवाया जा सकता है। आरोपी का कोर्ट में ट्रायल शुरू कराया गया। उसे सजा दिलाने के लिए पैरवी की जा रही है।