राजा मौर्या को मिठाई खिलाते भाई और मां। संवाद
पुवायां। प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती। यह गांव भिलावां के राजा मौर्या ने साबित कर दिखाया। उन्होंने विपरीत हालात में पढ़ाई कर इंटर की परीक्षा में पुवायां इंटर कॉलेज में दूसरा स्थान प्राप्त किया।
राजा के बाबा श्यामलाल के पास कुछ जमीन है। उनके पिता नन्हेलाल अन्य भाइयों के साथ खेती में हाथ बंटाने के साथ ही मजदूरी कर पत्नी नीतू देवी, पुत्र राजा मौर्या, परिमाल और भानु का पालन-पोषण करते हैं। उनके घर में बिजली कनेक्शन नहीं हैं। गांव के बाहर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने मकान के चारों ओर चहारदीवारी के नाम पर फूस की टटिया लगी हुई है।
ऐसे विपरीत हालात में राजा ने पुवायां इंटर कॉलेज से पढ़ाई कर हाईस्कूल की परीक्षा में 84.33 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। आगे की पढ़ाई के लिए किताबें खरीदने के लिए उनके पास रुपये नहीं थे। इस पर कॉलेज के प्रधानाचार्य जेपी मौर्या ने कॉलेज की लाइब्रेरी से राजा को पुस्तकें मुहैया कराईं। राजा ने बताया कि घर में कई वर्ष पुराना सौर पैनल और बैटरी है। दिन में बैटरी चार्ज करने के बाद रात में उसकी रोशनी में पढ़ाई की।
शनिवार को इंटर का रिजल्ट आया तो राजा ने 89.04 अंक प्राप्त कर पूरे कॉलेज में दूसरा स्थान प्राप्त किया। इससे परिवार में खुशी का माहौल है। प्रधानाचार्य जेपी मौर्या ने भी राजा की प्रशंसा करते हुए अच्छे अंक लाने पर बधाई दी।