शाहजहांपुर। अजीजगंज स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज बाढ़ के पानी में डूबने से स्वास्थ्य सुविधाओं का संकट खड़ा हो गया है। दुर्घटना में घायल या अन्य मर्ज से पीड़ित गंभीर रोगियाें के लिए स्वास्थ्य विभाग के पास इंतजाम नहीं है। मरीजों को मजबूरी में निजी अस्पतालों में भर्ती होना पड़ रहा है। प्राचार्य ने बाढ़ की विभीषिका को देखते हुए शनिवार से जिगनेरा स्थित भवन में ओपीडी शुरू करने का निर्णय लिया है।
गर्रा नदी के उफनाने के बाद बृहस्पतिवार को राजकीय मेडिकल कॉलेज में पानी भर गया। मरीजों को निजी अस्पतालों व पीएचसी-सीएचसी में रेफर कर दिया गया। देर रात पानी बढ़ने पर स्थिति विकराल हो गई। अस्पताल में पानी भरने से स्वास्थ्य सुविधाओं पर संकट खड़ा हो गया है। गंभीर मरीजों के लिए सरकारी उपचार की व्यवस्था नहीं रही। सीएचसी-पीएचसी पर इंतजाम किए गए, पर वहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति नहीं होने से इलाज संभव नहीं है।
मजबूरी में मरीजों को निजी अस्पतालों में भर्ती होना पड़ रहा है। बाढ़ की विभीषिका के बीच शनिवार से कांट-जलालाबाद रोड पर स्थित जिगनेरा में अस्थायी ओपीडी शुरू की जाएगी। यहां पर फिजिशियन, बाल रोग विशेषज्ञ, सर्जरी और सर्जन समेत अन्य स्टाफ की नियुक्ति होगी। मरीजों के लिए दवा का इंतजाम भी किया गया है।
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जली कोठी में मेडिकोलीगल टीम को किया नियुक्त
-राजकीय मेडिकल कॉलेज में जलभराव के बाद शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जलीकोठी में मेडिकोलीगल टीम को नियुक्त किया गया है। पुलिस केस से संबंधित पीड़ितों के आने पर उनके परीक्षण की व्यवस्था की गई है।
सीएमओ ने रेती में कैंप का निरीक्षण किया, मरीज देखे
-खन्नौत नदी के बाढ़ के पानी से प्रभावित लोगों के लिए रेती रोड पर कैंप का आयोजन किया गया। डॉक्टरों की टीम ने मरीजों का परीक्षण करने के बाद दवा दी। भीड़ अधिक होने पर निरीक्षण करने पहुंचे सीएमओ डॉ. आरके गौतम ने मरीजों का परीक्षण किया। उन्हें रोगों से बचाव के बारे में जानकारी दी।
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अस्पताल में पूरी तरह से जलभराव हो गया है। ऐसे में मरीजों की सुविधा के लिए जिगनेरा स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज के भवन में ओपीडी को शुरू किया जाएगा। उसके लिए उपलब्ध स्टाफ को लगाया जाएगा।
डॉ. राजेश कुमार, प्राचार्य-राजकीय मेडिकल कॉलेज