शाहजहांपुर। पहले घरों के अंदर मीटर लगे होने पर उन्हें शंट (चिप) लगाकर धीमा कर लिया जाता था, लेकिन जब मीटर बाहर लगे तो यह खेल बंद हो गया। अब फिर से शंट लगाकर बिजली चोरी की जाने लगी है। अधिकारियों के मुताबिक, 10 महीने में ऐसे 26 मामले सामने आ चुके हैं। जांच का शक होने पर मीटर में आग लगाकर साक्ष्य मिटा दिए जाते हैं।
मीटर में शंट लगी होने से बिजली का बिल बहुत कम आता है। पहले घरों के अंदर मीटर लगे होने पर बड़े पैमाने पर ये खेल चल रहा था, लेकिन विभाग ने घरों के बाहर मीटर लगाने शुरू किए तो यह खेल खत्म हो गया। अब फिर से लोग मीटर को धीमा कराने के लिए शंट लगवा रहे हैं। एमई मीटर पीसी सागर ने बताया कि मीटर में शंट लगवाने वाले उपभोक्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराए गए हैं।
मीटर बदलवाने के लिए लगवा रहे आग
मीटर में शंट लगी होने के मामले सामने आने के बाद उपभोक्ताओं ने बचने के लिए नया तरीका निकाल लिया है। मीटर की चेकिंग शुरू होने पर शंट लगाने वाले आग लगाकर मीटर को जला देते हैं। ताकि जांच में शंट पकड़ में न आ सके। हालांकि, अधिकारी जलने वाले मीटरों का गहनता से परीक्षण कराते हैं। रीडिंग और घर के लोड मिलान करने पर अगर अंतर पाया जाता है तो कार्रवाई की जाती है।
- मीटर को धीमा करने के उद्देश्य से शंट लगाई जाती है। ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं। शंट लगाने वाला गिरोह शहर में फिर सक्रिय हो गया है। ये लोग उपभोक्ताओं को बिजली बिल कम आने का लालच देकर शंट लगाते हैं और दो से तीन हजार रुपये वसूल लेते हैं। - पीसी सागर, एई मीटर