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Shahjahanpur: खुटार में नेपाली हाथियों ने 26 बीघा धान की फसल रौंदी, वनकर्मियों के खिलाफ किसानों में आक्रोश

Thu, 01 Sep 2022 01:24 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर

सार

पिछले वर्ष नेपाली हाथियों ने लगभग एक माह तक खुटार रेंज की फत्तेपुर बीट में उत्पात मचाया था। हाथियों ने धान और गन्ने की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया था। वन विभाग ने पिछले वर्ष भी हाथियों को खदेड़ने का कोई प्रयास नहीं किया।
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झारखंड के कई इलाकों में हाथियों का उत्पात जारी है। - फोटो : Social Media
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विस्तार
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खुटार के गांव निहालपुर और बरबटपुर में मंगलवार रात नेपाली हाथियों के झुंड ने धान की 26 बीघा फसल को रौंद डाला। सूचना पर वनकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर जांच की।

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गांव निहालपुर निवासी सर्वजीत सिंह ने बताया कि उन्होंने पांच एकड़ में धान लगा रखे हैं। मंगलवार रात वह सिंचाई कर रहे थे। रात दस बजे वह घर चले आए। रात में नेपाली हाथियों का झुंड जंगल से निकलकर खेतों में आ गया और धान की फसल को रौंद डाला। आसपास के अन्य किसानों के खेतों में भी हाथियों ने फसलों को नुकसान पहुंचाया। बुधवार सुबह खेत जाने पर फसल खराब मिली। खेत में तमाम जगह हाथियों के पैर बने हुए थे और गोबर पड़ा था।

कोचर फार्म निवासी देवेंद्र सिंह ने बताया कि उनका खेत बरबटपुर में है। मंगलवार रात हाथियों ने करीब दो बीघा धान की फसल नष्ट कर दी। हाथी कई दिन से क्षेत्र में घूमकर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। सर्वजीत सिंह ने मामले की सूचना वनकर्मियों को दी। वन दरोगा हीरालाल और वनकर्मी मौके पर पहुंचे और खानापूरी कर लौट गए। किसानों ने बताया कि वन विभाग ने हाथियों को खदेड़ने के कोई इंतजाम नही किए हैं। हाथी खेतों में खड़ी फसलों को लगातार उजाड़ रहे है, इससे किसानों में रोष है।

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पिछले वर्ष भी उजाड़ी थी धान, गन्ने की फसल

पिछले वर्ष नेपाली हाथियों ने लगभग एक माह तक खुटार रेंज की फत्तेपुर बीट में उत्पात मचाया था। हाथियों ने धान और गन्ने की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया था। वन विभाग ने पिछले वर्ष भी हाथियों को खदेड़ने का कोई प्रयास नहीं किया। गन्ने की कटाई शुरू होने के बाद हाथी नेपाल की ओर लौट गए थे।

नेपाल के जंगलों से जुड़े हैं खुटार रेंज के जंगल

खुटार रेंज के जंगल लखीमपुर के जंगलों से जुड़े हुए हैं। किशनपुर सेंचुरी और आगे दुधवा नेशनल पार्क के बाद जंगल नेपाल के जंगलों से जुड़े हैं। इस कारण नेपाली हाथी खुटार तक आ जाते हैं और आगे लखीमपुर की महेशपुर रेंज तक चले जाते हैं। इस बार हाथियों के झुंड में 15 से 20 हाथी बताए जा रहे हैं। हाथियों के आने से किसान बेहद परेशान हैं।

नेपाली हाथियों के धान की फसल नष्ट करने की जानकारी मिली थी। मौका मुआयना किया है। अधिकारियों को भी सूचना दी गई है। किसानों को रात में खेत आदि में हाथियों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
- रमाकांत सक्सेना, रेंजर सिंधौली/खुटार
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