पिछले वर्ष भी उजाड़ी थी धान, गन्ने की फसल
पिछले वर्ष नेपाली हाथियों ने लगभग एक माह तक खुटार रेंज की फत्तेपुर बीट में उत्पात मचाया था। हाथियों ने धान और गन्ने की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया था। वन विभाग ने पिछले वर्ष भी हाथियों को खदेड़ने का कोई प्रयास नहीं किया। गन्ने की कटाई शुरू होने के बाद हाथी नेपाल की ओर लौट गए थे।
नेपाल के जंगलों से जुड़े हैं खुटार रेंज के जंगल
खुटार रेंज के जंगल लखीमपुर के जंगलों से जुड़े हुए हैं। किशनपुर सेंचुरी और आगे दुधवा नेशनल पार्क के बाद जंगल नेपाल के जंगलों से जुड़े हैं। इस कारण नेपाली हाथी खुटार तक आ जाते हैं और आगे लखीमपुर की महेशपुर रेंज तक चले जाते हैं। इस बार हाथियों के झुंड में 15 से 20 हाथी बताए जा रहे हैं। हाथियों के आने से किसान बेहद परेशान हैं।
नेपाली हाथियों के धान की फसल नष्ट करने की जानकारी मिली थी। मौका मुआयना किया है। अधिकारियों को भी सूचना दी गई है। किसानों को रात में खेत आदि में हाथियों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
- रमाकांत सक्सेना, रेंजर सिंधौली/खुटार