शाहजहांपुर। डिपो से नवादा-खुदागंज और गढि़या रंगीन तक चलने वाली बस सेवा प्रत्येक महीने परिवहन निगम को लाखों रुपये का घाटा करा रही हैं। नाममात्र के यात्रियों के साथ बसों के चलने से राजस्व कम आ रहा है। माना जा रहा है कि डग्गामार वाहनों के कारण बसों के लिए यात्री नहीं मिल रहे हैं।
कटरा विधानसभा क्षेत्र में कुछ समय पहले दोनों सेवाओं को शुरू कराया गया था, पर उम्मीद के मुताबिक दोनों बसों से राजस्व प्राप्त नहीं हो सकी है। रोजाना शाम में चलने वाली बसें निगम को घाटा करा रही हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो शाहजहांपुर से नवादा-खुदागंज जाने वाली बस से अगस्त में 45 हजार, सितंबर में 88500 और 20 अक्तूबर तक 61500 रुपये का घाटा हो चुका है। गढि़या रंगीन की सेवा में अगस्त में 65 हजार के राजस्व का नुकसान हुआ। सितंबर में कुछ बसों ने अच्छा राजस्व दिया। 20 अक्तूबर तक 35 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। इतना घाटा होने के बाद भी बसों को दौड़ाया जा रहा है।
-
70 प्रतिशत राजस्व की दरकार, रोड़ा बन रही दोनों सेवाएं
-परिवहन निगम की बसें त्योहारी सीजन में 30 से 35 लाख रुपये प्रति महीने कमाती हैं। आम दिनों में यात्री घटने से इनकम डाउन हो जाती है। रविवार को निगम को 21 लाख 85 हजार रुपये का राजस्व मिला है। अधिकारियों की मानें तो 70 प्रतिशत राजस्व को बेहतर माना जाता है। गढि़यारंगीन व नवादा की सेवा के घाटे के चलते लक्ष्य के नजदीक नहीं पहुंच पा रहे हैं।
निजी गाड़ियां कर रहीं नुकसान
-खुदागंज समेत कई इलाकों में निजी गाड़ियां सस्ते में गंतव्य तक पहुंचाकर निगम के खजाने का नुकसान पहुंचा रही हैं। इसमें इको कार सबसे ज्यादा दौड़ रहीं हैं। ये बरेली मोड़ से दिल्ली, बरेली तक जाकर निगम को लंबे मार्ग से मिलने वाले राजस्व को तगड़ा नुकसान दे रही हैं।
दोनों बसों के चालकों से बातचीत की है। जल्द ही एआरटीओ के साथ संयुक्त चेकिंग कर अवैध रूप से दौड़ने वाले वाहनों पर शिकंजा कसा जाएगा।
रामप्यारे प्रसाद, एआरएम