राघवेंद्र सिंह, जिला उद्यान अधिकारी।
शाहजहांपुर। मशरूम की खेती के लिए अब मौसम पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। किसान पूरे वर्ष मशरूम की खेती कर सकेंगे। मशरूम उत्पादन परियोजना के जरिये फ्रीजर की ठंडक में मशरूम की पैदावार के लिए अनुकूल बनाया जाएगा। मशरूम की खेती को बड़े पैमाने पर नई तकनीक के साथ करने के लिए जिले के तीन किसानों ने आवेदन किया है।
मशरूम की खेती अक्तूबर से फरवरी माह तक होती है। मौसम अनुकूल न होने के कारण किसानों को अन्य माह में दूसरी फसलों पर निर्भर होना पड़ता है। छोटे स्तर पर होने वाली मशरूम की खेती को बड़े पैमाने पर कराने की योजना तैयार की गई। मशरूम उत्पादन परियोजना के तहत दो किसानों ने सालभर मशरूम की पैदावार करने के लिए अपना प्रस्ताव जिला उद्यान विभाग को दिया है। अधिकारियों के अनुसार, 1725 स्क्वायर फिट के तीन चैंबर वाले प्रोजेक्ट में 28 लाख रुपये का खर्च आएगा। इसमें आठ लाख रुपये योजना के तहत अनुदान दिया जाएगा।
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उद्योग आधारित खेती को आगे आए दो किसान
-मशरूम को उद्योग आधारित खेती करने के लिए प्रगतिशील किसान कौशल मिश्रा, पुवायां के जीवेश कुमार आगे आए हैं। अधिकारियों के अनुसार, तीन चैंबरों में फ्रिजर की ठंडक में मशरूम की पैदावार की जाएगी, साथ ही उसकी पैकिंग के लिए पैकेजिंग रूम भी बनाया जाएगा।
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फोटो नंबर 30
-हर माह में मशरूम उत्पादन के लिए मशरूम उत्पादन परियोजना को शुरू किया गया था। इसमें आए प्रस्तावों को स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। चैंबर में उगाए मशरूम की क्वालिटी काफी बेहतर होती है।
राघवेंद्र सिंह, जिला उद्यान अधिकारी