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नगर निगम के कारिंदे लापरवाह, त्योहार में गंदगी के ढेर पर शहर

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शाहजहांपुर। स्वच्छता रैंकिंग में भले ही पिछले साल से 22 अंकों का सुधार कर नगर निगम 72वें नंबर पर पहुंच गया हो लेकिन शहर में सफाई व्यवस्था चौपट है। डोर-टू-डोर कलेक्शन के बाद नगर निगम के सफाईकर्मी कूड़ा डलावघरों के बाहर डाल जाते हैं। ऐसे में मोहल्लों में दुर्गंध फैलती है। 14 जगह डलावघरों की चहारदीवारी बनाने का भी नतीजा नहीं निकल रहा है।
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हाथीथान में डलावघर के बाहर ही कू़ड़ा
मोहल्ला हाथीथान में सुजात खां की पुलिया के पास सूफी मेडिकल स्टोर के सामने डलावघर की चहारदीवारी तीन फिट बनी है। उसके ऊपर फाइबर शीट तीन फिट की लगाई गई है। बावजूद सारा कूड़ा उसके बाहर ही पड़ता है। सोमवार को भी यही स्थिति देखने को मिली।
पक्का तालाब इलाके के लोग परेशान
पक्का तालाब पर कई साल से कूड़ा पड़ता आ रहा है। यहां भी नगर निगम की ओर से डलावघर की चहारदीवारी बनवाई गई थी पर सारा कूड़ा उसके बाहर ही पड़ा मिला। इसकी सड़ांध के कारण क्षेत्रवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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नगर निगम के ठेलावाले भी फैला रहे गंदगी
मोहल्ला बहादुरपुरा में रेलवे मैदान पर बने डलावघर के बाहर भी कूड़ा दिखा। आसपास के लोगों ने बताया कि नगर निगम के ठेला चालक घरों व इधर-उधर से कूड़ा लाकर डलावघर के बाहर ही एकत्रित करते हैं। कूड़ा उठान न होने से बदबू के कारण परेेशानी होती है।
त्योहारी सीजन में रोज निकल रहा 225 टन कूड़ा
शहर में 60 वार्ड हैं जिनमें स्थित घरों व प्रतिष्ठानों से रोज 144 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता था। त्योहारी सीजन में 225 टन कूड़ा कूड़ा रोज नगर निगम क्षेत्र स्थित घरों व प्रतिष्ठानों से निकल रहा है। निस्तारण के लिए ककरा में एमआरएफ सेंटर स्थित है, जहां रोज लाखों टन कूड़े का प्रबंधन किया जाता है।
कूड़ा उठान को तैनात 876 कर्मचारी, 1120 की जरूरत
नगर निगम की ओर से शहर में सफाई और कूड़ा उठान के लिए कुल 876 कर्मचारी तैनात किए गए हैं। इनमें 300 कर्मचारी परमानेंट हैं, 165 संविदा कर्मचारी, 410 आउटसोर्स कर्मचारी हैं। वर्तमान में कुल 1120 कर्मचारियों की जरूरत है। नगर निगम बनने के बाद महानगर की जनसंख्या 4.5 लाख हो गई है। नियमानुसार 10 हजार लोगों पर 28 कर्मचारी की जरूरत होती है।
घर-घर हो रहा कूड़ा कलेक्शन
नगर निगम द्वारा शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन कराया जा रहा है। इसके लिए 177 कर्मचारी लगाए गए हैं। इनके ऊपर दो सुपरवाइजर लगे हैं। कूड़ा कलेक्शन में 45 ई-रिक्शा, 100 हाथ ठेलियां तथा 16 चार पहिया वाहन लगे हैं। डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए नगर निगम को चार जोन में बांटा गया है। हर वार्ड में घरों से सुबह पांच बजे कूड़ा कलेक्शन शुरू हो जाता है। घरों से 50 रुपये सुविधा शुल्क लिया जाता है। बड़े प्रतिष्ठानों से कूड़ा कलेक्शन रेट अलग-अलग निर्धारित है।
लोगों का ये है कहना
मोहल्ला हाथीथान निवासी फिरोज ने बताया कि सुजात खां की पुलिया के पास काफी समय से कूड़ा पड़ रहा है। नगर निगम के कर्मचारी ठेला गाड़ी से कूड़ा लाकर डलावघर के बाहर डालकर चले जाते हैं। नगर आयुक्त को कई बार ज्ञापन देकर समस्या के समाधान की मांग की गई लेकिन हल नहीं निकला। रामबरन सिंह ने बताया कि मोहल्ला बहादुरपुरा में रेलवे की जमीन पर डलावघर बना है लेकिन कूड़ा बाहर पड़ा रहता है। कूड़े से आने वाली बदबू ने लोगों का जीना मुहाल कर रखा है। आशु सक्सेना ने बताया कि पक्का तालाब पर बने डलावघर के अंदर कूड़ा ही नहीं पड़ता है। तालाब के मैदान में ही कूड़ा सड़ता रहता है।
डलावघरों से नियमित कूड़ा उठान कराया जा रहा है। देखने में आता है कि लोग उठान के बाद कूड़ा घरों के बाहर डाल देते हैं। लोगों से अपील है कि स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करें। - डॉ. मनोज कुमार मिश्रा, नगर स्वास्थ्य अधिकारी
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