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नगर निगम पिला रहा लोगों को गंदा पानी

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नगर निगम की जलापूर्ति में 11 स्थानों पर कम मिली क्लोरीन
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नगर निगम के जलकल विभाग की ओर से कराया जाता है पेयजल का ऑर्थोटोलिडीन टेस्ट
अधिकारी बोले, लीकेज के कारण गंदगी मिलने से पानी की गुणवत्ता में आती है कमी
शाहजहांपुर। नगर निगम लोगों को गंदा पानी पिला रहा है। इसकी पुष्टि नगर निगम की ओर से अगस्त में कराए गए ऑर्थोटोलिडीन टेस्ट से भी हो रही है। जांच में शहर के 11 स्थानों की रिपोर्ट निगेटिव आई है, जिसका कारण पेयजल सप्लाई में क्लोरीन का कम मात्रा में मिलना है। अधिकारियों का कहना है कि कभी-कभी लीकेज के कारण गंदगी मिलने से क्लोरीन की मात्रा घट जाती है। जिन क्षेत्रों की रिपोर्ट निगेटिव आई है वहां की पानी की पाइप लाइन चेक कराई जाएगी।
संचारी रोगों से बचाव के लिए नगर आयुक्त संतोष कुमार शर्मा के निर्देश पर महाप्रबंधक जल सौरभ श्रीवास्तव द्वारा प्रतिदिन नियमित रूप से पेयजल का ओटी कराया जा रहा है। अगस्त में हुए ओटी की रिपोर्ट के अनुसार, मोहल्ला बिजलीपुरा में बर्फ खाने के पास, मोहल्ला गढ़ी गाड़ीपुरा में होली स्थल के पास, मोहल्ला मघई टोला में जल निगम कार्यालय के सामने, मोहल्ला सिंजई में कनौजिया अस्पताल के सामने अप्पू डोसा वाले के पास, सिंजई में बक्सरिया वाली पुलिया के पास, मोहल्ला मंडी में गांधी पार्क स्थित नलकूप संख्या तीन, मोहल्ला मालखाना मोड़ पर शनि मंदिर के पास, मोहल्ला मोहम्मद जई कमला नर्सिंग होम के सामने, मोहल्ला बिजलीपुरा में वसीम अस्पताल के पास, मोहल्ला बहादुरपुरा पोस्टमार्टम वाली रोड पर, मोहल्ला चमकनी करबला में अवधेश वाली गली में रिपोर्ट निगेटिव रिपोर्ट पाई गई है।
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अवर अभियंता जल सूरज ने बताया कि ओटी की रिपोर्ट निगेटिव आने का मतलब पेयजल में क्लोरीन की मात्रा का कम होना है। पेयजल क्लोरीन युक्त है या नहीं, इसकी जांच के लिए पानी का सैंपल लेकर ऑर्थोटोलिडीन टेस्ट किया जाता है। बताया कि टेस्ट में रिपोर्ट निगेटिव आने की वजह जलापूर्ति की पाइप लाइन में लीकेज होना या फिर कनेक्शन में दिक्कत आना रहता है। गंदगी के कण पानी में मिल जाने की वजह से पेयजल की गुणवत्ता पर फर्क पड़ जाता है। लीकेज या कनेक्शन की मरम्मत कराने पर पेयजल की गुणवत्ता सही हो जाती है। यह भी बताया कि हर दो महीने में एक बार पेयजल के सैंपल को लखनऊ स्थित लैब भी भेजा जाता है। अब तक लैब में कोई सैंपल फेल नहीं हुआ है।
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कई बीमारियों की वजह बनता है गंदा पानी
- दूषित पानी को पीने से लोगों को कई बीमारियां हो सकती हैं। खासतौर पर टाइफाइड होने का मुख्य कारण गंदा पानी ही होता है। जिलेभर में यदि बुखार के रोगियों का टेस्ट कराया जाए तो अधिकतर में टाइफाइड मिलेगा।
- डॉ. रजनीश कुुमार नवल, फिजीशियन
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