मां से बेपनाह मोहब्बत करने वाली बेटी ने पहले तो आजीवन कुंवारी रहने का संकल्प लिया। शुक्रवार रात मां की मौत होने पर बेटी ने चाकू से अपना भी अपना गला रेत लिया। पुवायां के गांव जेबा में जगदंबा सिंह का बेहद ही प्रतिष्ठित परिवार है। स्वर्गीय जगदंबा सिंह 32 वर्ष तक ग्राम प्रधान रहे थे। उनके पुत्र विनय प्रताप सिंह भी प्रधान रह चुके हैं। जगदंबा सिंह के तीन बेटे रविंद्र प्रताप सिंह, महेंद्र प्रताप सिंह, विनय प्रताप सिंह और दो बेटियां पुष्पा सिंह और इंदु सिंह हैं। पुष्पा की शादी तिलहर क्षेत्र में हुई है। परिवारीजन बताते हैं कि इंदु बचपन से ही अपनी मां प्रेमकुंवरि से बेहद प्यार करती थीं। वह हर समय मां के पास ही रहती थीं। मां से दूर जाने की वजह से इंदु ने शादी करने से साफ इंकार कर दिया। परिवार के लोगों के काफी समझाने के बाद भी उसने शादी नहीं की। कहती थी मां के साथ जिएंगी और साथ ही मरेंगी। करीब 50 वर्ष की हो चुकी इंदु का ज्यादा समय 85 वर्षीय मां के साथ ही कटता था। शुक्रवार रात प्रेमकुंवरि की हालत बिगड़ी और कुछ ही देर में उनका देहांत हो गया। मां की मौत से इंदु सिंह बेहद परेशान हो उठीं और कुछ देर बाद उन्होंने चाकू से अपना गला रेत लिया। उन्हें लहूलुहान देखकर परिवार परिवार वाले घबरा गए। इंदु को रात में ही शाहजहांपुर शीला ट्रामा सेंटर ले जाकर भर्ती कराया गया है। प्रेमकुंवरि का शनिवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया। क्षेत्र में मां, बेटी के प्रेम की व्यापक चर्चा है।