सऊदी अरब के जेद्दा में 30 मार्च 2022 को मरने वाले चौक कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला मेहमान शाह निवासी मोहम्मद आलम का शव सऊदी सरकार ने सोमवार को भेज दिया। करीब 14 महीने के बाद शव घर पर आया तो परिजनों की आंखों से आंसूओं की धारा बह निकली।
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नमाज पढ़कर बेटे की मगफिरत की दुआ मांगने वाली मां और परिवार को अंतिम दर्शन हो सके। असर की नमाज के बाद मोहल्ला मेहमान शाह स्थित कब्रिस्तान में मोहम्मद आलम को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।
साल 2013 में सऊदी अरब के जेद्दा में ठेका लेकर रंगाई-पुताई का काम करने वाले मोहम्मद आलम की मौत 30 मार्च 2022 को हो गई थी। आलम की मौत की खबर उनके परिजनों को एक महीने के बाद 30 अगस्त को दी गई थी। मोहम्मद आलम की मौत के बाद से परिजन काफी गमजदा हुए। तब से आलम के भाई आफताब शव को भारत लाने के लिए प्रयास में जुटे थे।
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स्थानीय अफसरों से लेकर विदेश मंत्रालय तक पैरवी की। व्हाट्सएप कॉल के जरिये सऊदी अरब सरकार के जिम्मेदारों से आफताब की बात हुई थी। आफताब के अनुसार, आलम की हत्या की गई थी। जिसका आरोप आलम के साथ रहने वाले दोस्तों पर लगा है। सऊदी सरकार ने जांच पूर्ण होने के बाद शव भेजने का वादा किया था।
लगातार मिल रहे आश्वासनों के बाद भी आफताब ने हिम्मत नहीं हारी। उनकी मेहनत रंग लाई। सोमवार को सऊदी अरब से लखनऊ के लिए ताबूत में आलम का शव भेजा गया। लखनऊ में आफताब को आधार कार्ड दिखाने के बाद शव सुपुर्द कर दिया गया। परिजनों ने कहा कि अल्लाह ने उनकी फरियाद को सुन लिया।
शव आने से पहले जनाजे की तैयारी, जुटी भीड़
करीब 14 महीने के बाद आए शव को परिवार के लोग अधिक देर तक रोकना नहीं चाहते थे। इसलिए रिश्तेदारों को पहले ही खबर कर दी गई थी। जनाजे की तैयारी भी कर दी गई। शव आने से पहले घर के बाहर भीड़ लग गई। एंबुलेंस के आते ही मां मरियम बिलख पड़ी। लंबा इंतजार कर बेटे के अंतिम दर्शन के लिए दिन-रात दुआ करने वाली मरियम की आंखों से आंसू निकल पड़े। भारी मन से बेटे को विदा किया।
भाई ने सभी का आभार जताया
आलम के शव की वापसी के लिए प्रयास करने वाले आफताब आलम ने बताया कि उनकी सभी ने काफी मदद की। मंत्री सुरेश खन्ना, एसपी एस.आनंद व एलआईयू इंस्पेक्टर सीपी सिंह के प्रयास की सराहना करते हुए आभार जताया।