शाहजहांपुर। रोडवेज बस अड्डे के पास आठ महीने की मासूम बच्ची को छोड़कर जाने वाली महिला ने छह दिन के बाद भी मुड़कर नहीं देखा है। चाइल्ड लाइन के काफी प्रयास के बाद भी उसके परिजनों का सुराग नहीं लगा है। बच्ची के उपचार के अभिलेख में लिखा मोबाइल नंबर भी गलत है। अब बंडा पुलिस ने क्षेत्र में तलाश का बीड़ा उठाते हुए प्रधानों से संपर्क साधा है।
मंगलवार की रात करीब साढ़े नौ बजे रोडवेज बस अड्डे के पास महिला पानी पीकर लौटने की बात कहकर बच्ची को बुजुर्ग के पास लिटाकर चली गई थी। बच्ची के रोने पर लोगों की भीड़ एकत्र हो गई। चाइल्ड लाइन ने बच्ची को राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था। बृहस्पतिवार को बच्ची को बाल कल्याण समिति के निर्देश पर लखीमपुर में बाल गृह ( शिशु) दत्तक ग्रहण इकाई में भेज दिया। चाइल्ड लाइन के को-ऑर्डिनेटर को बच्ची के पास दवा का पर्चा मिला तो पुराने अभिलेख निकाले गए।
राजकीय मेडिकल काॅलेज में बच्ची का नाम निधि मिश्रा पुत्री रजनीश मिश्रा दर्ज था। उस पर नंबर भी पड़ा था। चाइल्ड लाइन ने सदर इंस्पेक्टर रवींद्र सिंह को नंबर दिया था। सर्विलांस पर लगाने पर नंबर गलत मिला है। दूसरी ओर पर्चे पर ककरा लिखा था, पर थाना साफ नहीं था। वह बंडा होने की संभावना है। ऐसे में बंडा थाने की प्रभारी सोनी शुक्ला ने अपने स्तर से तलाश शुरू कराई है। उन्होंने बताया कि बच्ची के परिजन की तलाश की जा रही है। फोटो को विभिन्न ग्रुप पर डलवाया है। गांवों के प्रधानों से संपर्क साध रहे हैं। आशा है कि जल्द ही कोई सुराग हाथ लगेगा।