कांट। आईजीआरएस पोर्टल पर जनसामान्य की समस्याओं का झूठी आख्या लगाकर फर्जी निस्तारण करने की शिकायतें आम बात हो चुकी है, लेकिन अब जनप्रतिनिधियों की शिकायतों पर भी यही रवैया अपनाया जा रहा है।
ताजा मामला ददरौल क्षेत्र के विधायक अरविंद कुमार सिंह द्वारा मुख्यमंत्री से निर्वाचन क्षेत्र में हो रही बेहिसाब बिजली कटौती की शिकायत से जुड़ा है। विद्युत निगम के अधिशासी अभियंता प्रथम ने कटौती के निर्धारित शेड्यूल के आधार पर आपूर्ति किए जाने की आख्या दे दी। विधायक ने इस आख्या को झूठा बताते हुए मुख्यमंत्री से बिजली आपूर्ति की जांच के लिए उच्चस्तरीय कमेटी बनाने का अनुरोध किया है।
विधायक ने गत 24 जुलाई को हुई मंडलीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री को पत्र देकर बताया था कि उनके निर्वाचन क्षेत्र में कांट, अभायन, बादशाहनगर और अटसलिया विद्युत उपकेंद्रों से 24 घंटे में बमुश्किल तीन से चार घंटे बिजली आपूर्ति दी जाती है। इससे किसानों की फसलें सूख रही हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय में इस पत्र को आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज कर प्रमुख सचिव संजय प्रसाद ने मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक से आख्या मांगी।
एमडी के निर्देश पर एक्सईएन ने उसी पत्र पर आख्या दे दी कि ददरौल विधानसभा क्षेत्र में कारपोरेशन से निर्धारित शेड्यूल के अनुसार बिजली दी जा रही है। इस आख्या को झुठलाते हुए विधायक ने गत दिनों विधानसभा में मुख्यमंत्री को दोबारा पत्र देकर एक्सईएन की आख्या को नकारने के साथ ही क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की जांच के लिए उच्चस्तरीय कमेटी बनाने की मांग की है। विधायक ने कमेटी में अपने स्तर से नामित प्रतिनिधि को भी शामिल करने का अनुरोध किया है।
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ग्रामीण क्षेत्रों को 18 घंटे बिजली दी जा रही है। गांवों की लाइनों में लोकल फॉल्ट के चलते आपूर्ति प्रभावित होती है। स्थिति से विधायक को अवगत करा दिया था। - केएन पांडेय, एक्सईएन-ग्रामीण