शाहजहांपुर। मिर्जापुर ब्लाॅक में गंगा के तटीय गांव एक बार फिर बाढ़ से घिर सकते हैं। नरौरा बैराज से मंगलवार सुबह 1.40 लाख क्यूसेक अतिरिक्त पानी की निकासी हुई है। ऐसे में गंगा में फिर उफान बढ़ने के आसार हैं। भैंसार बांध पर बीते 24 घंटे से गंगा का जलस्तर 143.10 मीटर पर स्थिर है, लेकिन बदायूं के कछला घाट पर जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है।
बरेली के चौबारी घाट पर रामगंगा का जलस्तर 25 सेमी. कम हो गया है। बीते दिन की तुलना में गर्रा भी 35 सेमी. घट गई। लोधीपुर पुल पर खन्नौत का जलस्तर 144.50 मीटर पर स्थिर है।
नरौरा से सोमवार शाम तक गंगा में 77 हजार 233 क्यूसेक पानी निकल रहा था, लेकिन वहां मंगलवार सुबह से पानी की निकासी एक लाख 40 हजार 452 क्यूसेक हो गई है। नरौरा से निकले 63 हजार 219 क्यूसेक अतिरिक्त पानी की खेप बदायूं पहुंचने पर वहां के कछला घाट पर गंगा 13 सेमी. बढ़कर खतरे के निशान से 27 सेमी. ऊपर बहने लगी है। सिंचाई विभाग के सूत्रों के अनुसार नरौरा से सुबह निकला अतिरिक्त पानी कछला होकर यहां बुधवार शाम तक पहुंचेगा। ऐसे में मिर्जापुर क्षेत्र में गंगा के दोनों किनारों पर बसे जनपद समेत पड़ोसी जिले फर्रुखाबाद के करीब 12 गांवों पर बाढ़ का संकट बढ़ जाएगा।
हरेली, फीका व कोसी नदी के बैराजोें से रामगंगा में निकाले जा रहे पानी की मात्रा 567 क्यूसेक बढ़ा दी गई है। बताया गया कि किच्छा, धौरा व बहगुल डैम से पानी की निकासी रोक दी गई है। इसके बावजूद रामगंगा में बैराजों से कुल 13 हजार 570 क्यूसेक पानी निकाला जा रहा है। फिलहाल, जलालाबाद से लेकर कलान तहसील के परौर क्षेत्र तक रामगंगा उतार पर है।
पीलीभीत के ड्यूनी डैम से गर्रा में पानी निकासी 2125 क्यूसेक स्थिर है। शहर के समीप गर्रा 146.30 मीटर पर बह रही है, लेकिन बारिश का दौर जारी रहा तो गर्रा और उसकी सहायक नदी खन्नौत का जलस्तर भी बढ़ जाएगा। हालांकि, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता सुनील कुमार भास्कर ने जनपद में अभी बाढ़ के हालात होने से इनकार किया है।
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पहले भी कहर बरपा चुका है गंगा का पानी
मिर्जापुर। बारिश और बैराजों के पानी से क्षेत्र में गंगा का बहाव कई दिनों से असामान्य बना हुआ है। हालांकि, पिछले दिनों गंगा में उफान बढ़ने से क्षेत्र के छिदुकुरी, पैलानी उत्तरी, इस्लामनगर, आजादनगर, लक्ष्मणपुर आदि गांवों सहित पड़ोस के जनपद फर्रुखाबाद के कमथरी, चितार, पंखियानगला आदि गांव चारों ओर पानी से घिरकर बाढ़ की चपेट में आ गए थे। फर्रुखाबाद जिले की सीमा में शमशाबाद-जलालाबाद स्टेट हाईवे का चौरा ढाई गांंव के पास करीब दो किमी हिस्सा दो से ढाई फुट पानी में तीन दिन तक डूबा रहा था। गत कई दिन उसे लगातार बारिश होने और नरौरा बैराज से पानी की निकासी बढ़ने के कारण तटीय गांवों के लोगों को बाढ़ का डर फिर सताने लगा है। संवाद