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Master Plan-2031: शाहजहांपुर में महायोजना-2031 लागू, अब सुनियोजित ढंग से होगा शहर का विकास

Mon, 23 Sep 2024 07:23 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर

सार

शाहजहांपुर में नियंत्रक प्राधिकारी ने महायोजना-2031 लागू कर दी है। अब सुनियोजित तरीके से महानगर का विकास होगा। शहरवासियों को मूलभूत सुविधाएं मिलेंगी। औद्योगिक और आवासीय भवनों का मानक के अनुरूप निर्माण होगा।
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शाहजहांपुर शहर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शाहजहांपुर में जुलाई 2022 में प्रशासन ने महायोजना लागू करने के लिए तैयारियां शुरू की थी। नक्शा बनाकर चस्पा करवाया था, जिससे लोग उसको देख सकें। इसके बाद इसकी रिपोर्ट बनाकर शासन को भेज दी गई थी। अब शासन की ओर से महायोजना-2031 की मंजूरी मिल गई और 20 सितंबर से इसको लागू भी कर दिया गया है।

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कलक्ट्रेट में स्थित विनियमित कार्यालय में महायोजना का नया नक्शा जल्द ही लगवाया जाएगा, जिसको लोग देख सकेंगे। इसमें महायोजना में शामिल क्षेत्रों को प्रदर्शित किया जाएगा। 

महायोजना के नक्शे के अनुसार, विनियमित क्षेत्र का सीतापुर मार्ग पर जमुका गांव तक, बरेली मार्ग पर रहमाननगर उर्फ खाई खेड़ा तक, हरदोई मार्ग पर रौसर व चौढ़ेरा तक, पीलीभीत मार्ग पर सतवां खुर्द तक, मोहम्मदी मार्ग पर हथौड़ा गांव के आगे तक, जलालाबाद मार्ग पर धरनीधरपुर तक और पुवायां मार्ग पर पैना बुजुर्ग के पास रिंग रोड के आगे तक विस्तार किया गया है।

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नौ मीटर की सड़क, पार्क के लिए छोड़नी होगी जगह
विशेषज्ञों के मुताबिक महायोजना में नई कॉलोनियां मानक के अनुसार बनेंगी। कॉलोनी में कम से कम नौ मीटर की सड़क होगी। मास्टर प्लान के हिसाब से लैंड यूज होना चाहिए। 15 प्रतिशत पार्क का क्षेत्र भी छोड़ा जाना आवश्यक है। 10 प्रतिशत ईडब्ल्यूएस यानी इकॉनामिकली वीकर सेक्शन (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) और 10 प्रतिशत निम्न आय समूह (लो इन्कम ग्रुप यानी एलआईजी) के लिए भूखंड छोड़े जाने चाहिए। पालन नहीं होने पर कार्रवाई की जाएगी।

लेआउट की मंजूरी के बाद शुरू कराना होगा कार्य
औद्योगिक और व्यावसायिक भवनों का निर्माण बगैर ले-आउट की मंजूरी के नहीं कराया जा सकेगा। ले-आउट के मुताबिक कार्य नहीं होगा तो प्राधिकरण हस्तक्षेप करेगा। व्यावसायिक भवन के लिए भी मानक पूरे करने होंगे। कुल स्थान के 40 प्रतिशत क्षेत्र में ही भवन बनाया जा सकेगा। पार्किंग के लिए जगह छोड़नी पड़ेगी। निश्चित संख्या में ही फ्लोर बनाए जा सकेंगे।
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अब ये आएंगे बदलाव
- शहरी नियोजन और विकास योजनाएं बनेंगी।
- बुनियादी ढांचे का विकास और रखरखाव होगा। इसमें सड़कें, बिजली, पानी, सीवेज और सार्वजनिक परिवहन आदि शामिल हैं।
- भवन निर्माण व जमीन उपयोग के लिए नियमों और कानूनों को लागू किया जाएगा।
- शहरी क्षेत्रों में सामाजिक और आर्थिक विकास को बढ़ावा दिया जाएगा।

सिटी मजिस्ट्रेट प्रवेंद्र कुमार ने बताया कि महानगर में नियंत्रक प्राधिकारी द्वारा महायोजना लागू कर दी गई है। इसके बाद शहर का नियोजित ढंग से विकास होगा। शहरवासियों की मूलभूत सुविधाओं का ध्यान रखा जाएगा।
 
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