शाहजहांपुर। सीवर लाइन बिछाने के बाद मुख्य सड़कों के निर्माण से मैनहोल दब गए हैं, जो सीवर लीकेज होने पर परेशानी का कारण बनेंगे। अधिकारियों का कहना है कि मैनहोल को सड़क बनने के बाद ऊंचा किया जाएगा। इससे साफ है कि बनने के बाद फिर सड़क खोदी जाएगी।
राज्य सेक्टर कार्यक्रम के तहत शहर में 186 किमी सीवर लाइन बिछाई जानी है। इसके साथ ही सीवर ट्रीटमेंट प्लांट लगाया गया है। इस पूरी परियोजना के लिए 377 करोड़ रुपये प्रस्तावित थे। कार्यदायी संस्था जल निगम ने टेक्नोक्राफ्ट कंपनी के पक्ष में 248 करोड़ रुपये का टेंडर किया है। संस्था ने वर्ष 2021 में कार्य शुरू कर दिया था।
पहले इस कार्य को जून 2023 तक पूरा कराया जाना था। इसके बाद भी काम पूरा न होने पर समय सीमा बढ़ाई जाती रही। एक बार फिर जून 2024 तक कार्य पूरा करने का समय दिया गया है। वर्तमान में भी खोदाई चल रही है।
हालांकि, जिन मुख्य मार्गों पर कार्य पूरा हो गया है, उन सड़कों का निर्माण शुरू करवा दिया गया है। इनमें प्रमुख रूप से केरूगंज से अंटा चौराहा रोड, चारखंभा से घंटाघर होकर लाल इमली चौराहा और गर्रा रोड शामिल है। इन दोनों मार्गों की सड़कों का निर्माण पीडब्ल्यूडी करा रहा है। सड़क निर्माण से सीवर के मैनहोल पूरी तरह से दब गए हैं। भविष्य में यदि ये मैनहोल चोक होंगे तो उनकी सफाई के लिए सड़क खोदनी पड़ेगी।
हालांकि जल निगम और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों का कहना है कि सड़क निर्माण के दौरान मशीन के मैनहोल से टकराने की वजह से ऐसा किया जा रहा है। बाद में उनको ऊंचा कराया जाएगा।
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14 किमी सीवर लाइन बिछनी बाकी
-जल निगम के अधिकारियों की माने तो 186 किमी में अब सिर्फ 14 किमी सीवर लाइन पड़नी बाकी है। वर्तमान समय में घरों में सीवर के कनेक्शन देने और गलियों में इंटरलॉकिंग की मरम्मत का कार्य चल रहा है। करीब 15-16 हजार घरों में कनेक्शन दिए जाने शेष हैं। जबकि, कुल 35 हजार कनेक्शन दिए जाने हैं।
मुख्य सड़कों का निर्माण पीडब्ल्यूडी के माध्यम से कराया जा रहा है। सड़क निर्माण के दौरान मशीन के मैनहोल से टकराने की समस्या आ रही थी। इसलिए पूरी सड़क निर्माण कराने के बाद मैनहोल खुलवाए जाएंगे।
- कपिल एम. सिंह, एक्सईएन, जल निगम
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जल निगम के अधिकारियों के कहने पर ही पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड की ओर से मैनहोल के ऊपर सड़क बनाई गई है। बाद में सीवर की सफाई आदि में परेशानी होने पर जल निगम को ही इसके लिए व्यवस्था करनी होगी।
- महेंद्र सिंह, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड