शाहजहांपुर। किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म करने के दोषी को अदालत ने दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। एक आरोपी को बरी कर दिया गया।
पीड़िता के पिता ने जैतीपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह गोला के मंदिर में दर्शन के लिए गया हुआ था। घर में उसकी पत्नी और 16 वर्षीय बेटी थीं। उसके घर में पिंकू उर्फ कमलेश और महेश मिश्रा का आना-जाना था। 20 अगस्त 2013 को पिंकू और महेश दिन में 11 बजे घर आए और उसकी बेटी को फोटो खिंचवाकर लाने की बात कहते हुए बाइक में बैठाकर ले गए। जब वह वापस आया तो पत्नी ने पूरी बात बताई।पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना की और पिंकू और महेश के खिलाफ आरोपपत्र अदालत भेजा। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात और साक्ष्यों के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मनोज कुमार सिद्धू ने कमलेश को दोषी माना। उसे दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। संवाद