शाहजहांपुर। जिले के गोवंश को जानलेवा लंपी वायरस के संक्रमण से बचाने के लिए पशु चिकित्सा विभाग ने सीमावर्ती ब्लॉक कटरा खुदागंज के गांवों में गोट पॉक्स वैक्सीन का टीकाकरण सोमवार से शुरू करा दिया है। टीकाकरण की निगरानी को शासन से नोडल अधिकारी नामित विभाग के सहायक निदेशक डॉ. तरुण कुमार तिवारी यहां पहुंच गए। सीवीओ के अनुसार पहले चरण में बायो फैंसिंग (टीकाकारण की बाड़) बनाने के लिए उन गांवों में टीकाकरण शुरू किया गया है जिनकी सीमाएं बरेली व बदायूं के नजदीक हैं।
जिले में 12669 निराश्रित गोवंशीय पशु हैं। इनमें 3619 पशु जिले की 51 गोशालाओं में हैं और 5626 पशु ग्रामीणों को सुपुर्दगी में दिए गए हैं, लेकिन करीब दो हजार गोवंशीय अब भी खुले में विचरण कर रहे हैं। पशु चिकित्सा विभाग के अनुसार छुट्टा घूमने वाले इन्हीं गोवंशीय पशुओं से अन्य पशुओं में वायरस का संक्रमण होने का खतरा ज्यादा है। उन गोवंशीय पशुओं के संक्रमित होने की भी आशंका है जो जिले की पश्चिमी सीमाओं पर बसे गांवों में हैं। शासन को गोट पॉक्स वैक्सीन की 50 हजार खुराक की मांग भेजी थी।
अभी वैक्सीन की दस हजार खुराक मिल सकी हैं। इसलिए पहले चरण में उनका उपयोग कटरा, खुदागंज क्षेत्र के उन गांवों के पशुओं को टीके लगाने में किया जा रहा है जो पड़ोसी जिलों से सटे हैं। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. जय प्रकाश सिंह के अनुसार यह वायरस पश्चिमी उप्र के मेरठ, सहारनपुर, बिजनौर, अलीगढ़ आदि जनपदों में फैला है। इसलिए जिले की पश्चिमी सीमा पर स्थित गांवों के गोवंश को टीके लगाने से न सिर्फ जिले के अन्य ब्लॉकों बल्कि पूर्व दिशा के सीमावर्ती जनपद सीतापुर, लखीमपुर खीरी, हरदोई, फर्रुखाबाद आदि में वायरस का संक्रमण रोकना आसान हो जाएगा।
सीवीओ डॉ. जय प्रकाश के अनुसार टीकाकरण की निगरानी के लिए यहां आए नोडल अधिकारी डॉ. तरुण तिवारी ने राजकीय पशु अस्पतालों के प्रभारी डॉक्टरों, फार्मासिस्टों और पैरावेटर्स के साथ बैठक कर उन्हें कई निर्देश दिए हैं। अस्वस्थ पशुओं के खानपान पर विशेष ध्यान देने के निर्देश हैं। बीमार पशुओं की देखभाल करने वालों को सचेत किया जा रहा है कि वह स्वस्थ पशुओं के नजदीक न जाएं।