शाहजहांपुर। लखनऊ-पलिया हाईवे तीन वर्ष पहले राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा हासिल कर चुका है। डबल लेन के इस हाईवे को फोरलेन बनाया जाना है, लेकिन जमीनों के अधिग्रहण और किसानों को मुआवजे का भुगतान भी अब तक नहीं हो सका है। फोरलेन के रास्ते मेें आ रहे पेड़ भी अब तक नहीं हटाए जा सके हैं। फोरलेन प्रस्तावित होने पर एनएचएआई के अफसरों ने मानसून से पहले काम पूरा हो जाने का दावा किया था, लेकिन काम की गति को देखते हुए यह मुमकिन नहीं लग रहा।
खुटार और पुवायां में बनेंगे दो बाईपास
हाईवे को जिले की सीमा में हरदोई बाईपास से लेकर पलिया तक करीब 90 किमी फोरलेन बनाया जाना है। खुटार और पुवायां में नगरीय क्षेत्र से निकले हाईवे के दोनों किनारों पर सघन आबादी क्षेत्र होने के कारण भारत सरकार के भूतल परिवहन एवं सड़क मंत्रालय ने दोनों जगह करीब 12 किमी लंबे बाईपास स्वीकृत किए हैं। खुटार में चार किमी लंबा बाईपास बनेगा जो आबादी क्षेत्र के पीछे से निकाला जाना है। इसी तरह पुवायां क्षेत्र में धारा गांव के पूर्वी छोर से पुवायां रियासत के लखपेड़ा बाग के पीछे से आठ किमी लंबा बाईपास बनना प्रस्तावित है। यह बाईपास पुवायां नगर के पूर्वी छोर आगे बढ़कर मोहम्मदी मार्ग के ऊपर से होते हुए बड़ागांव के पूर्वी हिस्से से निकलेगा और आगे शारदा नहर की पुरानी माइनर के पास वर्तमान हाईवे से जोड़ा जाएगा।
16 गांवों के किसानों की 50.74 हेक्टेयर जमीनें अधिग्रहीत
दोनों बाईपास के लिए 16 गांवों के एक हजार से अधिक किसानों की 50.74 हेक्टेयर जमीनें अधिग्रहीत की जा चुकी हैं। इन जमीनों के बदले किसानों को 137.50 करोड़ रुपये भुगतान किया जाना है। गत जनवरी तक खुटार बाईपास में शामिल सात गांवों के 427 किसानों की 19.24 हेक्टेयर जमीन के बदले 29.9 करोड़ रुपये और पुवायां बाईपास में शामिल नौ गांवों के करीब 600 किसानों को 31.50 हेक्टेयर जमीन के बदले 44.35 करोड़ रुपये मुआवजा भुगतान किया जा चुका है, लेकिन कई जगह अधिग्रीत जमीनों पर तकनीकी कारणों से अभी एनएचएआई को कब्जा नहीं मिल सका है।
हाईवे के नौ मीटर दायरे में काटे जा रहे पेड़
सिंधौली। हाईवे का चौड़ीकरण कर फोरलेन बनाने के लिए उसके किनारे नौ मीटर की चौड़ाई में वन विभाग की अनुमति से पेड़ काटे जा रहे हैं। कोरोकुइयां क्षेत्र में गांव महुआ पाठक और बड़ागांव के बीच दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल व उसके आसपास पेड़ों का कटान होने के बाद हाईवे के आसपास दशकों पुरानी हरियाली पूरी तरह छिन चुकी है। अब वहां हरे-भरे पेड़ों की जगह मैदान जैसा नजारा दिखाई दे रहा है। लोगों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि फोरलेन निर्माण के बहाने गड्ढों से छलनी हो रही सड़क की मरम्मत भी नहीं कराई जा रही है। इन गड्ढों के कारण क्षेत्र में आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं और वाहनों के पलटने का खतरा बना रहता है।
लखनऊ-पलिया हाईवे के दोनों बाईपास को अधिग्रहीत जमीनों के बदले किसानों को कुल 137.50 करोड़ रुपये प्रतिकर (मुआवजा) दिया जाना है और इसके सापेक्ष अभी तक संबंधित किसानों को लगभग 86 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। इसके साथ ही एनएचएआई की कार्यदायी संस्था को लगभग 90 फीसदी जमीनों पर कब्जा दिलाया जा चुका है। कब़्जा दिलाने की कार्रवाई निरंतर गतिमान है और इसके लिए राजस्व विभाग द्वारा संबंधित किसानों से सहमति पत्र लिए जा रहे हैं। -आशीष कुमार सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट
लखनऊ-पलिया हाईवे पर सिंधौली में खन्नौत पुल के पास बना गहरा गड्ढा। संवाद