शनिवार को गांव नहिलोरा के प्राथमिक स्कूल में इंदिरा आवास सूची के सत्यापन को बुलाई गई गांवसभा की खुली बैठक में आधा दर्जन लोगों ने जमकर हंगामा काटा। इस दौरान सचिव से गाली गलौज की गई और स्कूल के कमरों में घुसकर शिक्षण कार्य बाधित कर दिया गया। मामले में प्रधान विशंभरदयाल सहित आठ लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। गांवसभा नहिलोरा के ग्राम पंचायत अधिकारी चंद्रप्रकाश बाजपेयी ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि गांव में विशंभर दयाल प्रधान हैं। गांव के कई लोग उनसे कहते हें कि विशंभरदयाल नाम के प्रधान हैं और वह लोग जो करेंगे वही होगा। 14 मई को गांव के प्राथमकि स्कूल में इंदिरा आवास सूची के सत्यापन को खुली बैठक बुलाई गई थी। उन्होंने रोजगार सेवक से सूची पढ़कर सुनाने को कहा तो गांव के प्रधान विशंभरदयाल पक्ष के सुरेंद्र, रामपाल, बुद्धालाल, राकेश, विजयशंकर, गुलाब, ध्रुवजीत आदि ने स्कूल आकर बैठक समाप्त करने को कहा। मना करने पर गाली गलौज करते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी दी और सूची को छीनकर फाड़ दिया। इसके बाद आरोपियों ने स्कूल के शिक्षकों के साथ भी अभद्रता शुरू कर दी और स्कूल के कमरों में घुसकर शिक्षण कार्य बाधित कर दिया। इससे पूर्व भी प्रधान आदि उसे जान से मारने की धमकी दी जा चुकी है। इससे पूर्व रोजगार सेवक को भी घेरकर जान से मारने की धमकी दी जा चुकी है, जिसकी सूचना पुलिस के साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों को दी गई थी। स्कूल की प्रधानाध्यापिका अमिता देवी ने भी स्कूल में हंगामा किए जाने की नामजद तहरीर पुलिस को दी है। पत्र की प्रति डीएम, बीएसए, बीईओ को भी भेजी गई है।