शाहजहांपुर। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश अरविंद राय ने हत्या के एक मुकदमे में तीन दोषियों को आजीवन कारावास और दस-दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। इसी मामले में एक आरोपी की मुकदमे के दौरान मौत हो गई थी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार मिर्जापुर थाना क्षेत्र के गांव बुढौरा निवासी नबी शेर ने 11 मार्च 2012 को रिपोर्ट लिखाई थी कि शाम को करीब छह बजे गांव के अकलीम, मुकीम तमंचा लेकर और कदीर उर्फ बबलू, अमजद लाठी लेकर उसके घर के बाहर आए और कहा कि आज घेर लो, जाने न पाए। उनके बेटे लियाकत उर्फ पप्पू को अकलीम ने तमंचे से गोली मार दी। लियाकत की मौके पर ही मौत हो गई। वादी की तहरीर पर अकलीम, मुकीम, कदीर उर्फ बबलू और अमजद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। 14 मार्च 2012 को मुखबिर की सूचना पर मुकीम अली को गिरफ्तार कर लिया गया। विवेचक ने विवेचना के बाद अकलीम, मुकीम और कदीर के विरुद्ध आरोप पत्र अदालत भेजा। बाद में वादी के प्रार्थना पत्र पर अदालत ने अमजद को तलब किया था। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयान और सरकारी वकील आशीष त्रिपाठी के तर्कों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने मुकीम, कदीर उर्फ बबलू और अमजद को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। आरोपी अकलीम की मुकदमे के दौरान मौत हो गई थी।